उत्तराखंड में बारिश ने ढाया कहर, जन-जीवन अस्त व्यस्त, 3 लोग नाले में बहे

उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, प्रशासन ने सतर्क रहने के दिए आदेश

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उत्तराखंड के टिहरी में बादल फटने से भारी तबाही, 8 लोग मलबे में दबे, 4 के शव निकाले

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उत्तराखंड: चमोली में बरसी आसमानी आफत, बादल फटने से कई दुकानें और गाड़ियां क्षतिग्रस्त, भारी बारिश की चेतावनी

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उत्तराखंड में एक बार फिर प्रकृति ने अपना विकराल रूप दिखाया है. शुक्रवार शाम उत्तराखंड में उत्तरकाशी, टिहरी समेत चार जगह बादल फटा है. जिसके बाद मौसम विभाग ने अगले 36 घंटे के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. हालात को देखते हुए उत्तराखंड में मौजूद ITBP को अलर्ट पर रखा गया है. उत्तराखंड के पहाड़ों में शुक्रवार शाम को हुई बारिश राहत के साथ आफत लेकर आई. तीन दिनों से गर्मी झेल रहे लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी. लेकिन इससे इतना बड़ा नुकसान होगा यह किसी को मालूम नहीं था. 

पिथौरागढ़ के मूनाकोट ब्लॉक के धौलकांडा गांव में [मूसलाधार|तेज} बारिश के बीच निर्माणाधीन मड़मानले-दोबांस मार्ग पर जोरदार आवाज के साथ पहाड़ी दरक गई. पौड़ी जिले के थलीसैंण के बमोर्थ गांव में अतिवृष्टि से गोशालाएं मलबे में दब गई, जबकि स्योली तल्ली गांव में दो दोपहिया वाहन नाले में बह गया.

टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक में कई नाले उफान पर आ गए, जिससे दो पुलिया, पेयजल लाइनें और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए. उत्तरकाशी के नौगांव ब्लॉक के गंगटाड़ी गांव में नेपाली मूल के एक परिवार के तीन लोग नाले के उफान में बह गए. आस-पास के लोगों ने किसी तरह पति-पत्नी को बचा लिया लेकिन उनकी सात वर्षीया पुत्री का कहीं पता नहीं चल सका है. शनिवार की सुबह 17 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने नाले में बही बच्ची का शव बरामद कर लिया. बडियार पावर हाउस की नहर के मुहाने से पुलिस व एसडीआरएफ के रेस्क्यू दल ने उसे बरामद किया.

बारिश से हाईवे पर कई जगह मलबा आने से शुक्रवार को करीब आठ घंटे तक बदरीनाथ धाम की यात्रा थमी रही. इस दौरान हजारों तीर्थयात्री बीच में ही फंस गए. अधिकांश यात्रियों को अपने वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा. दोपहर करीब ढाई बजे हाईवे खुलने पर करीब पंद्रह हजार तीर्थयात्री गंतव्य को रवाना हो पाए. गुरुवार की रात करीब दो बजे जोशीमठ क्षेत्र में जोरदार बारिश शुरू हुई जो सुबह छह बजे तक जारी रही. बारिश से टैय्या पुल से लेकर गोविंदघाट तक पांच जगहों पर मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया. बारिश से हाईवे पर कई जगह मलबा आने से शुक्रवार को करीब आठ घंटे तक बदरीनाथ धाम की यात्रा थमी रही। इस दौरान हजारों तीर्थयात्री बीच में ही फंस गए।

अधिकांश यात्रियों को अपने वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा. दोपहर करीब ढाई बजे हाईवे खुलने पर करीब पंद्रह हजार तीर्थयात्री गंतव्य को रवाना हो पाए. गुरुवार की रात करीब दो बजे जोशीमठ क्षेत्र में जोरदार बारिश शुरू हुई जो सुबह छह बजे तक जारी रही. बारिश से टैय्या पुल से लेकर गोविंदघाट तक पांच जगहों पर मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया.



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