IAS अफसर प्रदीप कासनी : 34 साल में हुए 71 ट्रांसफर, कल होंगे रिटायर

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ईमानदारी की तो जैसे कोई कद्र ही नहीं आज की दुनिया में. अगर आईएएस अफसर प्रदीप कासनी का मामला गौर करें तो ऐसा ही प्रतीत होता है. हरियाणा के बेहद ईमानदार और तेज-तर्रार माने जाने वाले आईएएस अफसर प्रदीप कासनी 28 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं. 34 साल की नौकरी में उनके 71 ट्रान्सफर हुए. उन्हें छह महीने से सैलरी भी नहीं मिली है. ऐसा इसलिए, क्योंकि वे लैंड यूज बोर्ड के ओएसडी पद से रिटायर हो रहे हैं और सरकार के रिकार्ड में उस पद का कोई वजूद ही नहीं है.

कासनी ने इसके विरोध में सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया है. उनकी इस अपील पर 8 मार्च को निर्णय आना है. कासनी को लैंड यूज बोर्ड में तबादले के बाद जब बैठने के लिए कार्यालय और काम करने के लिए फाइलें और स्टाफ नहीं मिला तो उन्होंने बोर्ड के बारे में सरकार से पूछा. जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने RTIआरटीआई लगाई. तब सरकार ने माना कि लैंड यूज बोर्ड 2008 से वजूद में ही नहीं है.

1980 बैच के एचसीएस के अफसर कासनी 1997 में आईएएस बने थे. उन्होंने हरियाणा सरकार के साथ 1984 में अपनी सेवाएं शुरू की थीं. 

प्रदीप कासनी के सितम्बर 2016 में एक महीने के अंदर 3 बार कासनी हुए. तब भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की सरकार थी. अक्टूबर 2015 में खट्टर सरकार आने के बाद कासनी को अहम पदों पर तैनाती की उम्मीद थी, परन्तु गुड़गांव मंडल कमिश्नर की तैनाती के बाद यह उम्मीद टूट गई.

उनकी पत्नी नीलम प्रदीप कासनी हरियाणा के राज्यपाल की एडीसी रह चुकी हैं और पिछले साल ही रिटायर हुई हैं.



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