लापरवाही के चलते पटरी से उतरा स्टीम इंजन, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान

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हरियाणा में रेवाड़ी में ‘अकबर’ स्टीम इंजन 7161 डब्ल्यू-पी ‘अकबर’ शनिवार को दुर्घनाग्रस्त हो गया. बॉलीवुड की 20 से ज्यादा फिल्मों में शामिल रहने वाला 65 साल पुराने इस इंजन इंजन को  जब स्टार्ट किया जा रहा था, तभी स्पीड कंट्रोलर खराब हो गया और वह बेकाबू होकर भागने लगा.

दोपहर करीब 12 बजे अधिकारियों के दौरे के लिए लाइट-अप (स्टार्ट) किया जाना था. जैसे ही अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उसे स्टार्ट किया गया पर स्पीड कंट्रोलर खराब होने की वजह से वह बेकाबू होकर गेट तोड़कर पटरियों पर दौड़ पड़ा. इंजन में मौजूद ड्राइवर और सहयोगी ने गेट टूटने से पहले ही कूदकर अपनी जान बचाई और इंजन करीब दो किमी दूर जाकर पटरी से उतरने के बाद रुका जिससे एक बड़ा हादसा होने से टला.

लोकोशेड में अकबर के साथ फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’, वीर जारा, रंग दे बंसती, गदर, गुरु और लव, सुल्तान समेत करीब 20 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. रेलवे अधिकारी के अनुसार डब्ल्यूपी/पी इंजन के साथ चार कोच वाली ट्रेन के एक दिन इस्तेमाल पर रेलवे को 4 लाख रुपए की आमदनी होती है.

लोको फोरमैन श्याम बिहारी ने बताया कि इस इंजन की सफलताओं और उपलब्धियों को देखते हुए रेल विभाग ने इसका नाम ‘अकबर’ रखा है. गदर फिल्म की शूटिंग के बाद तो कई फिल्मों की शूटिंग रेवाड़ी लोको शेड में हुई. यह शेड खासतौर पर स्टीम इंजन के लिए तैयार किया गया है.



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