149 साल बाद चंद्रग्रहण पर बन रहा है खास संयोग, जानें क्या होगा इसका प्रभाव

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आज 16 जुलाई को साल 2019 का दूसरा चंद्रग्रहण पड़ने जा रहा है, जो कि रात 1:31 से अगले दिन 17 जुलाई को सुबह 4:29 बजे तक रहेगा. मतलब यह चंद्रग्रहण 2:58 मिनट का रहेगा, लेकिन इस बार चंद्रग्रहण पर 149 सालों बाद एक अनोखा संयोग बन रहा है, जिसमें गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का असर देखने को मिलेगा. यही कारण है कि इस चंद्रग्रहण को दुर्लभ चंद्रग्रहण बताया जा रहा है. अंतिम बार 12 जुलाई 1870 में चंद्रग्रहण और गुरू पूर्णिमा साथ-साथ पड़े थे.

मान्यता है कि जब राहु चंद्र या सूर्य को ग्रसता है, तब चन्द्र ग्रहण होता है. इस संबंध में कथा प्रचलित है कि प्राचीन समय में जब समुद्र मंथन किया गया तब अमृत कलश निकला था. असुर भी अमृतपान करना चाहते थे, लेकिन भगवान विष्णु ने सिर्फ देवताओं को अमृतपान करवाया. उस समय असुर राहु ने देवताओं के साथ भेष बदलकर अमृतपान किया था. सूर्य और चंद्र ने राहु को पहचान लिया और भगवान विष्णु को ये बात बताई. इसके बाद भगवान विष्णु ने राहु का मस्तक धड़ से अलग कर दिया था. चंद्र-सूर्य से बदला लेने के लिए राहु इन ग्रहों को ग्रसता है. जब-जब राहु सूर्य-चंद्र को ग्रसता है, तब-तब ग्रहण होता है.

चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. सूतक काल दोपहर 4.30 बजे से शुरू हो जाएगा, जो कि 17 जुलाई की सुबह 4.30 बजे तक रहेगा.

16 जुलाई को गुरु पूर्णिमा होने से इस दिन विशेष पूजा-पाठ करने की परंपरा है. इस दिन अपने गुरु की पूजा की जाती है. इस दिन पूजन दोपहर 4.30 बजे से पहले ही करना होगा. उसके बाद सूतक काल शुरु हो जाने से पूजा-पाठ नहीं हो सकेगी.

शनि और केतु ग्रहण के समय चंद्र के साथ धनु राशि में रहेंगे. इससे ग्रहण का प्रभाव और अधिक बढ़ जाएगा. सूर्य के साथ राहु और शुक्र रहेंगे. सूर्य और चंद्र चार विपरीत ग्रह शुक्र, शनि, राहु और केतु के घेरे में रहेंगे. मंगल नीच का रहेगा. इन ग्रह योगों की वजह से तनाव बढ़ सकता है. भूकंपन का खतरा रहेगा. बाढ़, तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने के योग बन रहे हैं.

जब चंद्र पर पृथ्वी की छाया पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है. इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्र एक लाइन में आ जाते हैं. ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है.

ग्रहण के समय क्या करें-

ग्रहण के समय मंत्र जाप करना चाहिए. इस दौरान पूजा-पाठ नहीं करनी चाहिए. ग्रहण समाप्ति के बाद पूरे घर की सफाई करनी चाहिए. ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए. इससे खाने पर ग्रहण की नकारात्मक किरणों का असर नहीं होता है.



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