बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा, ममता सरकार ने गवर्नर को जाने से रोका

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पश्चिम बंगाल सरकार ने सूबे के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को रामनवमी के जुलूस के दौरान हुई हिंसा में जख्मी हुए डीसीपी से मिलने के लिए दुर्गापुर नहीं जाने का सुझाव दिया है. सरकार ने इसके लिए उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने में अपनी असमर्थता जाहिर की है.

राज भवन से जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्यपाल की दुर्गापुर के अस्पताल के दौरे की योजना थी. इस अस्पताल में आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस उपायुक्त अरिंदम दत्त चौधरी का उपचार चल रहा है. हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन पर बम फेंक दिया था. इस घटना में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को अपना एक हाथ गंवाना पड़ा.

राज्यपाल के प्रेस सचिव द्वारा जारी बयान में कहा गया है, राज्य पुलिस ने सूचित किया है कि इलाके में पुलिस की तैनाती को देखते हुए यात्रा के दौरान माननीय राज्यपाल को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने में कठिनाई होगी. सरकार ने कहा कि रानीगंज और आसनसोल के निकटवर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ हिंसा प्रभावित इलाके में स्थिति तनावपूर्ण है और राज्यपाल को दुर्गापुर की यात्रा का परामर्श दिए जाने लायक नहीं है. सरकार ने समाज के हर तबके से शांति बनाये रखने की अपील की है.

बता दें कि पुरूलिया, मुर्शीदाबाद, बर्धमान वेस्ट और रानीगंज सहित पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर रामनवमी के जुलूस के दौरान रुक रुककर हुई हिंसक घटनाओं में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, करीब 10 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर है.



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