ताज़ा खबर

अब सवर्णों को पेट्रोल पंप और कुकिंग गैस एजेंसी आवंटन में मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण, सरकार ने पारित किया कानून

बीजेपी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र का ऐलान, इस बार नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने थामा बीजेपी का दामन, बोले- PM मोदी के विजन से हुआ प्रभावित

राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने एयर स्ट्राइक पर उठाए सवाल, कहा- कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे पाक को नहीं दे सकते

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पाक के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे भारतीय प्रतिनिधि

लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की 184 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, वाराणसी से पीएम मोदी, गांधीनगर से लड़ेंगे अमित शाह

पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग लिखकर कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- परिवारवाद और वंशवाद ने देश को कमजोर कर दिया

2019-01-12_CentralGovernment.jpg

केंद्र सरकार ने हाल ही में आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्ल्यूएस) सवर्णों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की है. अब सरकार इसके अंतर्गत गरीब सबर्णों को राज्य सरकार द्वारा संचालित तेल विपणन कंपनियों के तहत पेट्रोल पंप और कुकिंग गैस एजेंसी आवंटित करेगी. दो सरकारी अधिकारियों ने कहा, 'यह कंपनियां केंद्र सरकार की आरक्षण नीति का अनुसरण करेंगी.

एक अधिकारी ने कहा, 'नए पारित कानून के अधिसूचित होने के बाद ईडब्ल्यूएस श्रेणी को 10 फीसदी आरक्षण (खुदरा दुकानों के आवंटन में) देने का औपचारिक प्रस्ताव उचित समय पर शुरू किया जाएगा.' पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. अधिकारियों ने कहा कि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा.

राज्य के स्वामित्व वाले ईंधन खुदरा विक्रेता- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में पहले से ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण नीति है. पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों के आवंटन में ओबीसी कोटा की शुरुआत मनमोहन सिंह सरकार के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 20 जुलाई, 2012 को की थी. 

वर्तमान में इस तरह का आवंटन 22.5 प्रतिशत एससी और एसटी के लिए और 27 प्रतिशत ओबीसी के लिए है. वहीं पूरे देश में सामान्य श्रेणी से ताल्लुक रखने वाले लोगों के लिए 50.5 प्रतिशत है. लेकिन यह प्रतिशत अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम में अलग है. पूर्वोत्तर के राज्यों में खुदरा दुकानों के लिए आरक्षण सामाजिक-आर्थिक संरचना के अनुसार अलग-अलग है. अरुणाचल में एसटी के लिए 70 प्रतिशत आरक्षण है.



loading...