प्रत्येक सोमवार करें भोलेनाथ के इन मंत्रों का जाप और परेशानियों से पायें मुक्ति

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शास्त्रों में भगवान शंकर की आराधना को अति महत्ता दी गई है। भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और इनके पूजन से प्रत्येक प्रकार की मुश्किले दूर होती हैं। भगवान शिव की पूजा और मंत्रों के जाप से शांति की प्राप्ति एवं व्यापार में उन्नति होती है। साथ ही चिंताओ और रोगों से भी छुटकारा मिलता है। परेशानियों से मुक्ति हेतु भोलेनाथ की पूजा और मंत्रों का उच्चारण करें।
 
* शांति प्राप्ति और तनाव से मुक्ति हेतु प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव के मंदिर या घर के पूजाकक्ष में इस मंत्र का 21 बार जाप करें।

रूद्रम न्यवतोतइषवेनम: बाहुब्भ्यामुततेनम: यातेरूद्रशिवातनूरघोरापापकाशिनी। ऊँ नम: शिवाय।

* सोमवार से प्रतिदिन सवा तीन महीने के लिए प्रतिदिन इस मंत्र का 11 बार जाप करने से व्यापार मे बढ़ौतरी होती है।

 नमोस्तुनीलग्रीवाय सहसाक्षायमीढुष
 
* गंभीर रोगों से छुटकारा पाने के लिए महामृत्युंजय के मंत्रों का सवा लाख जप व हवन करवाएं। रोगी सोमवार को शिव मंदिर या घर के पूजा घर में महामृत्युंजय मंत्र का 11 बार पाठ करवाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें। अभिमंत्रित जल बीमार व्यक्ति को पिलाएं। रोगी को तुलसी व गौमूत्र का सेवन करवाना भी सर्वोत्तम है।
 
ऊँ त्र्यम्बकंम यजामहे सुगंधिपुष्टिवर्धनम उर्वारुकमिव बंधनामृत्युोर्मुक्षीय मामृतात्। ऊँ नम: शिवाय। 
 
* जिस लड़की एवं लड़के की शादी में देरी हो रही हो उसे रविवार या सोमवार को शिवालय में स्नान करके पीले रंग के कपड़े पहनकर भोलेनाथ का ध्यान करके इस श्लोक का 2 महीने तक जाप करना चाहिए। सोमवार के दिन घी का अखंड दीपक प्रज्वलित करने से विशेष फायदा होता है।
 
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नम: श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नम: नमो कालाय नम: कलविकरणाय नम: बल विकरणाय नमो
 
* प्रत्येक सोमवार को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठकर इस मंत्र का 21 बार जाप करने से पढ़ाई में सफलता की प्राप्ति होती है।
 
ऊँ तत् पुरुषाय विद्महे महादेवाव धीमहि तन्नों रुद्र: प्रचोदयात्'
 
कालिदास ने भोलेनाथ की अष्ट प्रतिमा की आराधना का जिक्र किया है। शिव पूजन के साथ ही कलश, पृथ्वी पूजा, हवन, प्राणायाम, नाक से ऊं नम: शिवाय या शिव महिम्न स्तोत्रम् का पाठ करना चाहिए। स्तुति के अतिरिक्त रुद्रपाठ करना भी लाभदायक होता है।
 



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