उत्तराखंड में बादल फटने से हुआ भयंकर हादसा, 2 पुल ढ़हे

उत्तराखंड के टिहरी में बादल फटने से भारी तबाही, 8 लोग मलबे में दबे, 4 के शव निकाले

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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित मालपा के पास बादल फटने के कारण अचानक आने वाली बाढ़ से 11 लोग लापता हो गए. लापता लोगो में से चार लोगों के शव बरामद हो गए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना के सात जवान अब भी लापता हैं. दो जवान और एक जेसीओ को मलबे से सकुशल निकाल लिया गया है. बादल फटने के बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा रोक दी गई है.

बादल फटने की घटना रात करीब 3 बजे घटी. मिली खबरों के अनुसार बाढ़ के कारण मांगती में 2 पुल बह गए हैं, 1 सिमखौला में बह गया है. काली नदी खतरे के निशाने से ऊपर चल रही है. अलागढ़ में रोड ब्लॉक हो गया है.  वहीं राहत और बचाव कार्य एसएसबी के आईजी, डीआईजी समेत 11वीं बटालियन के अधिकारी घटनास्‍थल पहुंच गए हैं. एसएसबी की टीम सबसे पहले घटनास्‍थल पर पहुंची है. 

उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश के मंडी में भी भूस्खलन की चपेट में आने से 46 लोगों की जान चली गई. हादसा इतना भयानक है कि अभी और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. 

असम और त्रिपुरा में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ की वजह से यहां अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं त्रिपुरा के तीन जिलों में अचानक बाढ़ आने से कम से कम 4,500 परिवार बेघर हो गए हैं.असम में तेज बारिश कहर बरसा रही है. असम के 21 जिलों के साढ़े 22 लाख लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं. आर्मी ने असम में युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया है.



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