सीबीआई से हटाए जाने के बाद आलोक वर्मा ने दिया इस्तीफा, फायर सर्विस के डीजी पद से किया इनकार

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सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने जांच एजेंसी से हटाए जाने और फायर सेफ्टी सर्विस के डीजी पद पर ट्रांसफर किए जाने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले आलोक वर्मा ने फायर सर्विस विभाग में डीजी पद का प्रभार लेने से इनकार कर दिया था. आलोक वर्मा ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव को भेजे त्यागपत्र में लिखा है कि इस समय सामूहिक रूप से आत्मचिंतन करने की जरूरत है. 

वर्मा ने आगे लिखा कि उन्हें 31 जनवरी 2019 तक केवल सीबीआई के निदेशक रूप में सरकार को अपनी सेवा देनी थी. क्योंकि यह एक निश्चित कार्यकाल था. अब वह सीबीआई के निदेशक नहीं हैं. अब उनकी उम्र फायर सर्विस, नागरिक रक्षा और होमगार्ड के डीजी पद के लिए अधिकतम सीमा को पार कर गई है. ऐसे में आज से ही उन्हें सेवा से मुक्त माना जा सकता है.

मीडिया को दिए बयान में आलोक वर्मा ने कहा है कि उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ. सीबीआई के निदेशक पद से उनको हटाने में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन हुआ और पूरी प्रक्रिया नियमों को ताक पर रखकर की गई.

इससे पहले गुरुवार की रात CBI के निदेशक पद से हटाए जाने के बाद आईपीएस आलोक वर्मा ने कहा है कि उन्होंने देश की इस सबसे बड़ी जांच एजेंसी की साख बनाए रखने की कोशिश की. वर्मा ने अपने सफाई में कहा कि उन्हें झूठे आरोपों के आधार पर निदेशक पद से हटाया गया है. वह चाहते हैं कि सीबीआई बिना किसी बाहरी दबाव के काम करे. लेकिन मौजूदा समय में CBI की साख को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है. आपको बता दें कि बीती रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च अधिकार प्राप्त चयन समिति ने 2-1 के बहुमत से फैसला लेते हुए आलोक वर्मा को पद से हटा दिया था. वर्मा पर CVC की रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. अब एम नागेश्वर राव को अंतिरम निदेशक बना दिया गया है.


 



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