केंद्रीय कैबिनेट ने सिंगल ब्रांड रीटेल में 100% और एयर इंडिया में 49% FDI को दी मंज़ूरी

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केंद्रीय कैबिनेट ने एअर इंडिया इंडिया में जान फूंकने के लिए महत्वपूर्ण फैसला किया है। बुधवार को कैबिनेट ने एअर इंडिया समेत भारतीय एयर लाइन कंपनियों में 49 फीसदी विदेशी निवेश का रास्ता साफ कर दिया है। इसी के साथ सिंगल ब्रांड रिटेल ट्रेडिंग में 100 फीसदी विदेशी निवेश को हरी झंडी दे दी है। 

कैबिनेट ने विमानन और निर्माण क्षेत्र के लिए भी एफडीआई नियमों में कमी की है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला एफडीआई पॉलिसी को उदार और आसान बनाने के लिए किया गया जिससे व्यापार को बढ़ाया जा सके।

इस फैसले से देश में विकास होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसलिए निर्माण क्षेत्र में भी सरकार ने 100 फीसदी FDI को मंजूरी दी है। आपको बता दें कि हालही में घाटे से जूझती सार्वजनिक विमानन कंपनी एयर इंडिया ने कॉन्ट्रेक्ट आधार पर भर्ती किए गए 412 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था।

एअर इंडिया ने इन लोगों को सेवानिवृत्ति के बाद कॉन्ट्रेक्ट आधार पर नियुक्त किया था। एअर इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) प्रदीप सिंह खरोला के आदेश पर यह कदम उठाया गया था।

इस कदम से गैर-तकनीकी भूमिकाओं पर काम कर रहे कर्मचारियों पर गाज गिरी थी। पांच जनवरी को कार्यकारी निदेशक-कार्मिक द्वारा जारी एक सर्कुलर के मुताबिक, सीएमडी के आदेश के अनुसार कॉन्ट्रेक्ट आधार पर नियुक्त गैर-तकनीकी कर्मचारियों (इन लोगों के अलावा - पायलट, फ्लाइट डिस्पेचर, सर्विस इंजीनियर, ओपीटी, ओटीटी इंस्ट्रेक्टर्स, फ्लाइट सेफ्टी) को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया था। 

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