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चक्रवाती तूफान ‘फेनी’ ने ओडिशा में दी दस्तक, राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमें, 200 से अधिक ट्रेनें रदद्

ओडिशा में चक्रवाती तूफान ‘फेनी’ ने मचाया कहर, 3 लोगों की मौत, 175 से 200 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही हैं हवाएं

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चक्रवाती तूफान ‘फैनी’ की वजह से पूरा पूर्वी भारत खासकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के साथ दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में जनजीवन ठप हो गया है. रेलवे ने इस खतरनाक चक्रवात की वजह से 200 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी है. वहीं भुवनेश्वर हवाई अड्डे को भी बंद कर दिया गया है. कोलकाता एयरपोर्ट पर आज रात से सेवाएं बंद रहेंगी. इससे इलाके में आवाजाही एक तरह से ठप हो गई है. इस बीच Cyclone Fani के ओडिशा तट से टकराने की आहट आने लगी है. चक्रवात तूफान ओडिशा के पुरी तट पर पहुँच गया है. ओडिशा सरकार ने इस साइक्लोन से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. अब तक 11 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. यह पिछले दो दशक में पूर्वी तट पर सबसे गंभीर चक्रवाती तूफान है.

रेलवे ने बताया है कि ‘फैनी’ के मद्देनजर कोलकाता-चेन्नई रूट पर ओडिशा तटरेखा की करीब 223 ट्रेनों को रद्द किया गया है जबकि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए तीन विशेष ट्रेन सेवा में लगाई गई हैं. इसमें 140 मेल,एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 83 पैसेंजन ट्रेनें शामिल हैं. एक रेलवे प्रवक्ता ने कहा, चक्रवात तूफान ‘फैनी’ के कारण कोलकाता-चेन्नई रूट के भद्रक-विजयनगरम खंड (ओडिशा तटरेखा पर) चार मई की दोपहर तक सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.
 
उधर, अधिकारियों का कहना है कि चक्रवात के ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को प्रभावित करने की संभावना है. नौ ट्रेनों का मार्ग बदला गया है जबकि चार अन्य की यात्रा गंतव्य से पहले समाप्त कर दी गई है. रेलवे ने कहा कि अगर प्रस्तावित यात्रा के तीन दिन के भीतर टिकट रद्द करने के लिए पेश किया जाता है तो वह यात्रियों को रद्द ट्रेन या रूट बदलने वाली ट्रेन के लिए पूरा पैसा वापस करेगा.

रेलवे ने सभी जोनों के संभागीय प्रबंधकों को निर्देश जारी किये कि भद्रक (ओडिशा)-विशाखापट्टनम खंड की दोनों दिशाओं में यात्रियों को ट्रेनें रद्द किये जाने, गंतव्य से पहले यात्रा खत्म किये जाने और ट्रेनों का मार्ग बदलने जाने के बारे में जानकारी हेतु महत्वपूर्ण स्टेशनों पर बार-बार घोषणाएं की जाएं.

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चाईबासा में पांच मई को होने वाली चुनावी रैली को भी एक दिन के लिए टाल दिया गया है. पड़ोसी राज्य ओड़िशा में शुक्रवार सुबह आने वाले वाले चक्रवाती फोनी के संभावित प्रभावों को देखते हुए इस रैली को टाला गया है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक नेता ने यह जानकारी दी.

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भारी बारिश और 175-200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की प्रचंड हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान ‘फैनी’ ने ओडिशा पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है. अनुमानित समय से काफी पहले सुबह करीब 8 बजे ही इसने पुरी तट पर दस्तक दे दी. कई पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियां तबाह हो गईं. साथ ही मंदिर शहर पुरी के कई इलाके जलमग्न हो गए. प्रचंड तूफानी हवाओं ने पूरे इलाके को ठप कर दिया है. हालांकि पूर्व चेतावनी के कारण कम से कम 11 तटीय जिलों के निचले एवं संवेदनशील इलाकों से करीब 11 लाख लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है.

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के निदेशक एचआर बिस्वास ने कहा, ‘चक्रवात सुबह करीब आठ बजे पुरी तट पर पहुंचा और चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब तीन घंटे का समय लगा.’ बिस्वास ने बताया कि चक्रवात का केंद्र करीब 28 किलोमीटर दूर है और वह 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है. पुरी और आसपास के इलाकों में 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है जो 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर पहुंच सकता है.

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बीपी सेठी ने बताया कि चक्रवात के कारण गंजाम, पुरी, खोरधा और गजपति जैसे कई तटीय जिलों में प्रचंड हवा चल रही है. उन्होंने बताया कि करीब 10,000 गांवों और 52 शहरी इलाकों से हटाए गए 11 लाख लोग 4,000 शिविरों में ठहरे हुए हैं जिनमें से विशेष रूप से चक्रवात के लिए बनाए गए 880 केंद्र शामिल हैं.

भारतीय तटरक्षक बल ने विशाखापत्तनम, चेन्नई, गोपालपुर, हल्दिया, फ्रासेरगंज और कोलकाता में विभिन्न स्थानों पर 34 आपदा राहत टीमों को तैनात किया है. उसने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चार जहाजों को भी तैनात किया है.

भारतीय नौसेना ने भी राहत सामग्री और मेडिकल टीमों के साथ तीन जहाजों को  तैनात किया है ताकि ओडिशा के तट पर चक्रवात के पहुंचने के बाद वह राहत अभियान शुरू कर सकते हैं. नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के लिए कई विमानों को भी तैयार रखा गया है. कैप्टन शर्मा ने कहा, ‘‘जरुरत पड़ने पर बचाव अभियान और राहत सामग्री गिराने के लिए हेलीकॉप्टरों को भी तैयार रखा गया है.’’



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