आधार डेटा चोरी विवाद में EPFO हुआ सतर्क, रोकी ऑनलाइन सेवा

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आधार डेटा चोरी मामले में पीएफओ ने अपने एक ऑनलाइन सामान्य सेवा केंद्र के जरिए दी जाने वाली सेवाएं फिलहाल रोक दी हैं. ईपीएफओ के मुताबिक, उसने सीएससी की ‘संवेदनशीलता की जांच’ लंबित रहने तक इन सेवाओं को रोका है. हालांकि ईपीएफओ ने सरकार की वेबसाइट से अंशधारकों के डेटा लीक की किसी संभावना से इनकार किया है. ईपीएफओ ने कहा कि ये रिपोर्ट सीएससी के जरिए सेवाओं के बारे में है और इनका ईपीएफओ सॉफ्टवेयर या डेटा सेंटर से कोई लेना देना नहीं है. अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है. डेटा सुरक्षा और संरक्षण के लिए ईपीएफओ ने तुरंत एक्शन लेते हुए सर्वर को बंद कर दिया है. तहकीकात पूरी होने तक सीएससी के जरिए सेवाएं नहीं दी जायेंगी.

ईपीएफओ का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि हैकर्स ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत आने वाले साझा सेवा केंद्र द्वारा चलाई जाने वाली वेबसाइट aadhaar.epfoservices.com से अंशधारकों का डेटा चोरी किया है. ये रपटें ईपीएफओ केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त वी पी जॉय द्वारा सीएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश त्यागी को लिखे पत्र पर आधारित हैं.

यह रिपोर्ट वायरल होने के बाद ईपीएफओ ने बयान जारी कर कहा कि, ‘‘डेटा या सॉफ्टवेयर की संवेदनशीलता को लेकर चेतावनी एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है. इसी आधार पर सीएससी के जरिए प्रदान की जाने वाली सेवाओं को 22 मार्च 2018 से रोक दिया गया है.’’



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