ताज़ा खबर

जानें- क्यों और कैसे मनाया जाता है दशहरा, क्या है महत्व

2018-10-18_Dassehra.jpg

दशहरा एक प्रसिद्ध हिन्दू त्योहार है जो बुराई पर अच्छाई की जीत की ख़ुशी में मनाया जाता है. इसे विजय दशमी के नाम से भी जाना जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार यह आश्विन माह के दसवें दिन शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है. इस वर्ष दशहरा 19 अक्टूबर यानि कल को है. दशहरा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द 'दश- हर’ से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ दस बुराइयों से छुटकारा पाना है. दशहरा उत्सव, भगवान् श्रीराम का अपनी अपहृत पत्नी को रावण पर जीत प्राप्त कर छुड़ाने के उपलक्ष्य में तथा बुराई पर अच्छाई की विजय, के प्रतीकात्मक रूप में मनाया जाता है. यह देश भर में लाखों लोगों द्वारा मनाया जाता है जोकि अलग-अलग स्थानों पर दुशहेरा और दशैं जैसे नामों से जाना जाता है. खुले स्थानों पर मेलों का आयोजन एवं पौराणिक श्रीलंका के राक्षसराज रावण के बड़े- बड़े पुतलों का प्रदर्शन किया जाता है. बाद में इन पुतलों को बड़े हर्ष-उल्लास सहित जलाया जाता है. दशहरा के साथ नवरात्रि उत्सव भी संपन्न हो जाता है. दशहरा के दिन, प्रथम नवरात्रे में प्रतिस्थापित की गयी देवियों की मूर्तियों का विसर्जन पानी में करके, उपवास में लीन श्रद्धालु एक दूसरे को जाकर मिठाइयाँ भेंट करते हैं.

समाज में महत्व- प्राचीन काल से ही ऐसी मान्यता है कि इस दिन शुरू किए गए किसी भी कार्य में सफलता अवश्य मिलती हैं. इसलिए प्राचीन समय में राजा महाराजा अपने अस्त्र-शास्त्रों की पूजा कर इसी दिन से अपना विजय अभियान शुरू करते थे. आज भी हम किसी बड़े काम का आरम्भ दशहरा के दिन से करते हैं.  

शुभ मुहूर्त-

विजयदशमी पूजन का मुहूर्त
08:20 से 10:30 बजे तक लग्न पूजन
11:24 से 12:32 बजे तक अभिजीत मूहूर्त
दहन का शुभ मुहूर्त:-  शुक्रवार को दोपहर 2.57 बजे से शाम 4.17 बजे

उपाय 1- दशहरे के दिन दोपहर में घर के ईशान कोण में शुद्ध भूमि पर चंदन, कुमकुम और पुष्प से अष्टदल कमल की आकृति बनाएं और उसका पर देवी जया व वजिया का स्मरण कर उनका पूजन करें. इसके बाद शमी वृक्ष की पूजा करें. इसके बाद वृक्ष के पास की थोडी मिट्टी लेकर अपने घर में रखें. माना जाता है कि ऐसा करने से रुके हुए काम बनते हैं और गरीबी नहीं आती.

उपाय 2- यदि आप कानूनी दांव पेंच से परेशान हैं या मुकदमों में फंसे हैं तो दशहरा को शमी के पेड़ की पूजा करें और शाम को उसके नीचे दीपक जलाएं. ऐसे करने से मुकदमों में विजय मिलती है और धन की प्राप्ति होती है.

उपाय 3- संकट हरने में संकटमोचन भगवान हनुमान जैसा कोई नहीं है. यदि आपके सामने किसी प्रकार का संकट है तो दशहरे के दिन सुबह गुड़ चने और शाम को लड्डुओं को भोग लगाकर प्रार्थना करें इससे हनुमान जी आपकी रक्षा करेंगे.

उपाय 4- हर जगह क्षेत्र में विजय पाने के लिए दशहरा को देवी पूजन करें और उन्हें 10 फल चढ़ाकर गरीबों को बांटें। देवी मां को फल चढ़ाते वक्त 'ॐ विजयायै नम:'  मंत्र का जाप करें. ऐसा काम दशहरा के दिन दोपहर को करना चाहिए.

उपाय 5- किसी को अपने बुरे कार्यों के लिए यदि यमलोक का भय सता रहा हो तो दशहरे के दिन मां काली का ध्यान करते हुए उनसे क्षमा मांगें और काले तिल चढ़ाएं. माना जाता है कि ऐसा हर साल करने से यमलोक की यातनाओं का भय नहीं सताता.



loading...