ट्रंप-किम वार्ता: किम ने कहा- लोगों को यह किसी साइंस फैटेंसी फिल्म जैसा लगेगा, यहां तक आना आसान नहीं था

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन के बीच मंगलवार को पहली बार यहां के कापेला होटल में मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने करीब 12 सेकंड तक हाथ मिलाया. इसके बाद इनके बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत चली. ट्रम्प ने कहा कि किम के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही. किम के साथ करार भी हो सकता है. वहीं, किम ने कहा कि लोगों को ये मुलाकात किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह लग सकती है. 

इस बैठक का मकसद परमाणु निरस्त्रीकरण है. यदि किम परमाणु निरस्त्रीकरण की तरफ बढ़े, तो यह ट्रम्प की जीत होगी. इसके बाद अमेरिका, उ. कोरिया के सामने निरस्त्रीकरण की शर्त रख कर उससे आर्थिक प्रतिबंध हटा सकता है. अमेरिका द. कोरिया में मौजूद अपने 23 हजार सैनिकों को भी वापस बुला सकता है. उत्तर कोरिया ने पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम को रद्द कर दिया और परीक्षण साइट तक खत्म कर दीं.

ट्रम्प और किम के बीच हुई यह मुलाकात मंगलवार को सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप के कापेला होटल में हुई. इस मीटिंग के बाद ट्रम्प ने कहा कि किम के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही. हम दोनों के बीच बेहतर रिश्ते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि वे और किम मिलकर बड़ी समस्या को हल करेंगे. हम साथ मिलकर काम करेंगे. हम हर तरह से उत्तर कोरिया का ध्यान रखेंगे. मैं बातचीत को लेकर आश्वस्त हूं. हमें कामयाबी मिलेगी और हमारे रिश्ते भी शानदार रहेंगे. इस बैठक के पहले ट्रम्प ने कहा था कि वे पहले मिनट में किम के हाव-भाव देखकर बता देंगे कि समिट कारगर होगी या नहीं.

इससे पहले, किम ने मीडिया से कहा कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं रहा. पुरानी मान्यताओं ने रोड़ा अटकाने की कोशिश की. लेकिन हम इससे उबरे और आज यहां हैं. मीडिया ने जब किम से पूछा कि क्या उन्होंने एटमी साइट को बंद कर दिया इस पर वे सिर्फ मुस्कराते रहे. इस मुलाकात में व्हाइट हाउस के मुताबिक, मुलाकात के दौरान ट्रम्प के साथ उनकी कैबिनेट के दो सदस्य सेक्रटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पियो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन रहे. हालांकि, उत्तर कोरिया की तरफ से किम के साथ कौन मीटिंग था. इस बारे में अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आया है.

जब ट्रम्प सत्ता में आए थे तब अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्ते काफी बिगड़े हुए थे. उत्तर कोरिया लगातार परमाणु परीक्षण कर रहा था. जंग तक की नौबत आ गई थी. जनवरी 2018 में नई शुरुआत हुई. उत्तर कोरिया ने शांति की पहल की. मार्च में दक्षिण कोरिया ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और एक अन्य अफसर को उत्तर कोरिया भेजा. बाद में दोनों अफसर उत्तर कोरिया की ट्रम्प से बातचीत की पेशकश लेकर अमेरिका गए. ट्रम्प राजी भी हो गए. लेकिन, बीच में तल्खी आ गई. तब दुनिया को लगा कि अब बात नहीं बनने वाली. लेकिन 1 जून को व्हाइट हाउस ने फिर से दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक की पुष्टि कर दी.



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