Diwali 2018: दिवाली की रात इस तरह के लोगों के घर कभी नहीं आती माता लक्ष्मी

2018-11-06_LaxmiPuja.jpg

कार्तिक माह की अमावस्या की रात को दिपावली मनाई जाती है. दिवाली की शाम को स्थिर लग्न और शुभ मुहुर्त में माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना होती है. देवी लक्ष्मी धन की देवी हैं. ऐसा माना जाता है कि वह जिनके घर दिवाली की रात को ठहरती उनके घर पर धन-सम्पदा की कभी भी कोई कमी नहीं रहती है. शास्त्रों में बताया गया है देवी लक्ष्मी दिवाली की रात को उन्हीं घरों को चुनती हैं जिनके घर के सदस्यों के अंदर ये 6 तरह के अवगुण नहीं होते है.

एक बार देवी रूक्मिणी जो स्वयं लक्ष्मी स्वरूप है महालक्ष्मी से पूछती हैं कि, हे देवी आप किस तरह के मनुष्यों पर कृपा करती हैं. देवी लक्ष्मी ने उत्तर दिया कि जो मनुष्य अपनी वाणी पर नियंत्रण रखता है और जरूरत के अनुसार उचित शब्दों का ही प्रयोग करता है उस पर मैं प्रसन्न रहती हूं. ऐसा मनुष्य मेरी कृपा का पात्र होता है.

मां लक्ष्मी कहती हैं जो व्यक्ति लोभ त्यागकर उदारता के साथ दूसरों की सहायता करता है मैं उस पर सदा कृपा करती हूं. मनुष्य को चाहिए कि वह बदले की भावना त्यागकर जरूरतमंदों और गरीबों की सहायता करें.

क्रोध मनुष्य की बुद्धि का नाश कर देता है. क्रोद्ध आने पर व्यक्ति उचित-अनुचित का ज्ञान भूल जाता है परिणाम स्वरूप वह ऐसा काम कर बैठता है जिससे घर आयी लक्ष्मी भी रूठ जाती हैं. इसलिए जो जिसे माता लक्ष्मी की कृपा चाहिए उसे अपने क्रोध पर काबू रखना आना चाहिए.

जो व्यक्ति आलस करता है और आज के काम को कल के लिए टालता रहता है उस पर कभी भी माता लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती. इसलिए मनुष्य को चाहिए कि वह आलस को अपने ऊपर कभी हावी नहीं होने दे.

जो व्यक्ति अपनी शक्ति और संपत्ति के अहंकार में दिन रात डूबा रहता है देवी लक्ष्मी लंबे समय तक उसके साथ नहीं रहतीं. रावण को अपनी शक्ति और संपत्ति का अहंकार होने की वजह से उसका सर्वनाश हुआ था.

जो व्यक्ति अपने पैसे का जरूरत से ज्यादा खर्च करता है उसके घर से देवी लक्ष्मी रूठकर चली जाती हैं.



loading...