शिवराज सिंह ने नेहरु ने बताया अपराधी, दिग्विजय बोले- शर्म करो, तुम उनके पैरों की धूल भी नहीं

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को अपराधी बताया था. रविवार को उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि शिवराज नेहरूजी के पैरों की धूल भी नहीं हैं. उन्हें शर्म आनी चाहिए. वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता थे. निधन के 55 साल बाद उन्हें अपराधी कहना बेहद आपत्तिजनक है.

कश्मीर मुद्दे पर दिग्विजय ने कहा कि इंटरनेशनल मीडिया में सबकुछ दिखाया जा रहा है. हमें भी देखना चाहिए कि कश्मीर में आखिर हो क्या रहा है. उन्होंने (सरकार) अपने हाथ आग में जला लिए हैं. हमारी प्राथमिकता कश्मीर को बचाने की होनी चाहिए. मैं मोदीजी, अमित शाह और अजीत डोभाल से अपील करता हूं कि वे सावधान रहें, वरना हम कश्मीर खो सकते हैं.

शिवराज ने शनिवार को भुवनेश्वर में कहा था कि नेहरू एक अपराधी हैं, इसके दो कारण हैं. पहला- जब भारतीय फौज कश्मीर से पाकिस्तानी कबाइलियों को खदेड़ते हुए आगे बढ़ रही थी, ठीक उसी वक्त नेहरू ने संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया. इस वजह से कश्मीर का एक-तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में रह गया. अगर कुछ दिन और संघर्ष विराम की घोषणा नहीं होती तो पूरा कश्मीर हमारा होता. दूसरी- नेहरू ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया. एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान कैसे अस्तित्व में रह सकते हैं? यह देश के साथ नाइंसाफी नहीं, बल्कि अपराध भी है.

राहुल गांधी के कश्मीर में हिंसा की खबरों और उन पर चिंता जताने पर भी शिवराज ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति है. यही राहुल और कांग्रेस की तकलीफ है. वे नहीं चाहते कि कश्मीर में शांति रहे. कश्मीर में अशांति नेहरूजी के गलत फैसलों के कारण थी. अनुच्छेद 370 कश्मीर के लिए अभिशाप था, आतंकवाद का कारण था. इसने कश्मीर की जनता का काफी नुकसान किया. अब नेहरूजी की गलती को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुधारा है. कांग्रेस परेशान क्यों है?.



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