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भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और विधायक आकाश द्वारा नगर निगम अधिकारी से मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है. मंगलवार को इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाराजगी सामने आने के बाद अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आकाश के बहाने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. दिग्विजय ने कहा कि मोदी के कहने के बाद भी उन्हें नहीं लगता कि शाह अपने मित्र कैलाश विजयवर्गीय के बेटे का कोई नुकसान होने देंगे.

वहीं, भाजपा विधायक और कैलाश विजयवर्गीय के खास माने जाने वाले रमेश मेंदोला ने कहा कि आकाश पर निर्णय संगठन को लेना है. आकाश का स्वागत करने की बात पर उन्होंने कहा कि मैं उन्हें सिर्फ लेने गया था. स्वागत नहीं किया और न ही उसकी अनुमति थी. वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का इंदौर दौरा कैंसिल होने पर कहा कि संसद सत्र चल रहा है, इसलिए वे नहीं आए.

मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में आकाश का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा घमंड और दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा "यह क्या हो रहा है? जिसके मन में जो आ रहा है, कर रहा है. फिर उसका समर्थन भी किया जा रहा है. वह कोई भी हो, किसी का भी बेटा हो. मनमानी नहीं चलेगी. कहा जा रहा है पहले निवेदन, फिर आवेदन फिर दनादन, यह कैसी भाषा है?’’ जेल से छूटने के बाद आकाश को सम्मानित किए जाने पर भी प्रधानमंत्री ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, ‘‘क्या होगा अगर एक विधायक कम हो जाएगा? वह इकाई भंग कर देनी चाहिए, जो स्वागत-सत्कार कर रही है. अगर कोई गलती करता है तो उसमें खेद का भाव होना चाहिए.

26 जून को निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस टीम के साथ जर्जर मकान को ढहाने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान आकाश वहां आए और टीम को बगैर कार्रवाई के लिए जाने के लिए कहा. लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रखी और आकाश ने बैट से अधिकारी की पिटाई की थी. इस मामले में आकाश को गिरफ्तार किया गया था. 29 जून की शाम को आकाश को भोपाल की विशेष कोर्ट से जमानत मिली और 30 जून को वे जेल से बाहर आए.



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