अब सीमा पर दुश्मन को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब, सेना को सौंपी गई स्वदेशी ‘धनुष’ तोप, जानें क्या है इसकी खासियत

वाइस एडमिरल बिमल वर्मा की याचिका को रक्षा मंत्रालय ने किया खारिज, जानें क्या है मामला

कमल हासन ने ‘हिंदू’ शब्द को लेकर दिया विवादित बयान

सरकार के लिए विपक्ष की मोर्चेबंदी, राहुल गांधी से मिले नायडू, शाम को लखनऊ में अखिलेश-मायावती से करेंगे मुलाकात

लोकसभा चुनाव: PM मोदी और अमित शाह को मिली क्लीनचिट से नाराज चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने EC की मीटिंग से किया किनारा

PM मोदी की 5 साल में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- फिर बनेगी पूर्ण बहुमत वाली NDA की सरकार

साध्‍वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे वाले बयान पर पीएम मोदी ने कहा- दिल से कभी माफ नहीं कर पाऊंगा, अनिल सौमित्र को पार्टी से निलंबित किया

2019-04-08_DhanushHowitzer.jpg

पहाड़ और रेगिस्तान में दुश्मनों को ध्वस्त करने में सक्षम स्वदेशी ‘धनुष’ तोप सोमवार को भारतीय सेना को सौंपी गई. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इन स्वदेशी ‘धनुष’ तोप को जबलपुर के ऑर्डिनेंस डिपो में आयोजित औपचारिक कार्यक्रम में आज सेना को सौंपी गई. पहली खेप में छह ‘धनुष’ तोप सेना के हवाले की गईं. इनको आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) और फील्ड गन फैक्टरी ने मिलकर विकसित किया है.

आपको बता दें कि धनुष स्वीडिश तोप बोफोर्स का स्वदेशी संस्करण है. इसके 95 फीसदी से अधिक कलपुर्जे स्वदेशी हैं. सेना की ओर से हर मौसम के अनुसार किए गए परीक्षण में यह तोप खरी उतरी है. इसका आयुध निर्माणी कानपुर और फील्ड गन फैक्टरी में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो गया है. इस संबंध में भारतीय सेना और रक्षा मंत्रालय ने 19 फरवरी को हरी झंडी दी थी. 2022-23 तक 114 धनुष तोप सेना को सौंप दी जाएंगी.

धनुष तोप की विशेषताएं-
धनुष तोप के बैरल का वजन 2692 किलो है और इसकी लंबाई आठ मीटर है. धनुष तोप की मारक क्षमता 42-45 किलोमीटर तक है. इसके भारतीय सेना में शामिल होने से सीमा पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. धनुष तोप लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम है और यह प्रति मिनट दो फायर करती है. इसमें 46.5 किलो का गोला प्रयोग किया जाता है.



loading...