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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में दिल्ली पुलिस जल्द ही आरोप पत्र दाखिल करेगी. दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने बुधवार को इसकी जानकारी दी.

कन्हैया, उमर खालिद और अनिर्बान को जेएनयू परिसर में कथित रूप से संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने के विरोध में कथित रुप से कार्यक्रम करने को लेकर 2016 में देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. विपक्ष ने पुलिस पर सत्तारुढ़ भाजपा की शह पर काम करने का आरोप लगाया था.

पटनायक ने कहा, "मामला अंतिम चरण में है. इसकी जांच पेचीदा थी क्योंकि पुलिस टीमों को बयान लेने के लिये अन्य राज्यों का दौरा करना पड़ा था. आरोप पत्र जल्द दायर किया जाएगा". जेएनयू के इस विवादस्पद कार्यक्रम से लोगों में नाराजगी फैली थी. आरोप लगे थे कि कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाए गये. 

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही खबर आई थी पुलिस जल्द इस मामले में चार्जशीट फाइल करने जा रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सबूत के तौर पर घटना के वक़्त के कई वीडियो फुटेज सीबीआई की सीएफएसएल में जांच के लिए भेजे गए थे, जिसके नमूने पोजिटिव पाए गए थे. इसके अलावा मौके पर मौजूद कई लोगों के बयान, मोबाइल फुटेज, फेसबुक पोस्ट भी शामिल हैं. इस मामले में करीब 30 और लोग संदिग्ध पाए गए थे, लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे. वहीं, जेएनयू प्रशासन, एबीवीपी स्टूडेंट, सिक्योरिटी गार्ड और कुछ छात्र गवाह हैं.

दरअसल, 9 फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु की फांसी के विरोध में एक प्रोग्राम आयोजित किया गया था. इसमें देशविरोधी नारे लगे थे. पुलिस ने उस वक़्त दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ थाने में कन्‍हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्‍हें सशर्त जमानत दे दी थी.



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