ताज़ा खबर

लोगों के सामने पत्नी का पति को थप्पड़ मारना खुदकुशी के लिए उकसाना नहीं: हाईकोर्ट

केजरीवाल के मुफ्त मेट्रो सफर को पूर्व प्रबंध निदेशक ई. श्रीधरन ने बताया नुकसानदायक, PM मोदी को लिखा खत

दिल्ली के भारत नगर इलाके में बुजुर्ग भाई-बहन की मौत, हार्ट अटैक से मौत की आशंका

दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज, कई जगह तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबादी, देर शाम हो सकती है बारिश

केजरीवाल सरकार का अपने पूर्व मंत्री संदीप कुमार के खिलाफ नरम रुख, रेप केस में अब तक चार्जशीट दाखिल करने की नहीं दी इजाजत

अब दिल्ली में मेट्रो और डीटीसी बसों में महिलाओं को नहीं देना होगा किराया, सीएम अरविंद केजरीवाल ने किया ऐलान

दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त में सफर, आज सीएम अरविंद केजरीवाल कर सकते हैं घोषणा

2019-01-10_DelhiHC.jpg

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी पत्नी का लोगों के सामने अपने पति को सिर्फ थप्पड़ मारना खुदकुशी के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आएगा. अदालत ने एक महिला को आरोपमुक्त करते हुए यह आदेश सुनाया. महिला पर आरोप था कि उसने अन्य लोगों के सामने पति को थप्पड़ मारकर उसे खुदकुशी के लिए उकसाया.

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा, ‘‘अगर कोई कथित थप्पड़ की घटना को उकसावा मानता है तो उसे ध्यान रखना चाहिए कि कथित आचरण ऐसा होना चाहिए कि कोई भी सामान्य विवेक वाला व्यक्ति ऐसी स्थिति में खुदकुशी कर ले.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की उपस्थिति में पति को थप्पड़ मारने का कृत्य सामान्य परिस्थितियों में पति को खुदकुशी के लिए उकसाना नहीं होगा.’’ अभियोजन के अनुसार, दंपति की 25 फरवरी 2015 में शादी हुई थी और वह एक बेटी के मां-बाप बने थे. विवाद होने पर महिला पति का घर छोड़कर चली गई थी.

दो अगस्त 2015 को पति ने खुदकुशी का प्रयास किया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन अगले दिन उसकी मौत हो गई. पति के बिस्तर से एक कथित सुसाइड नोट मिला था और पुलिस ने खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था.



loading...