ताज़ा खबर

दिल्ली हाईकोर्ट से राकेश अस्थाना और देवेंद्र कुमार को झटका, एफआईआर रदद् करने वाली याचिका खारिज, लगे थे घूस लेने के आरोप

भारतीय वायुसेना की ताकत में हुआ इजाफा, लादेन का सर्वनाश करने वाला 'चिनूक' हेलीकॉप्टर बेड़े में हुआ शामिल

Lok Sabha Eleciton 2019: भाजपा ने जारी की 11 उम्मीदवारों की एक और लिस्ट, कैराना से हुकुम सिंह की बेटी का टिकट कटा

सैम पित्रोदा के विवादित बयान पर अमित शाह ने कहा- जनता और जवानों से माफी मांगे राहुल गांधी

भारत के पहले लोकपाल बने जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई शपथ

इमरान खान का ट्वीट, पाकिस्तान के नेशनल डे पर पीएम मोदी ने भेजा संदेश, भारत का जवाब, ये परंपरा का हिस्सा

पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग लिखकर शहीदों और राम मनोहर लोहिया को किया याद, कांग्रेस पर बोला हमला

2019-01-11_RakeshAsthana.jpg

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई के विशेष डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डिप्टी एसपी देवेंद्र कुमार की याचिका खारिज कर दी है. याचिका में दोनों ही अधिकारियों ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. न्यायमूर्ति नाजमी वजीरी ने सीबीआई के उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार और कथित बिचौलिये मनोज प्रसाद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से भी इंकार किया.

उच्च न्यायालय ने यह फैसला अस्थाना, कुमार और प्रसाद की याचिकाओं पर सुनाया. इन तीनों ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी. अस्थाना पर भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धाराओं के तहत आपराधिक कदाचार, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप हैं.

हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना ने एक मामले में राहत पाने के लिए कथित रूप से रिश्वत दी थी. सना की शिकायत पर ही प्राथमिकी दर्ज हुई है. सना ने अस्थाना पर भ्रष्टाचार, रंगदारी और गंभीर कदाचार के आरोप लगाये थे.

पूर्व निदेशक आलोक वर्मा को दी शिकायत में उन्होंने कहा था,'मुझे और मेरे परिवार को झूठे केस में टॉर्चर न किया जाए’, केवल इस प्रताड़ना से बचने के लिए मैंने देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसी के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को उनके आदमियों के हाथ कथित तौर से 2.95 करोड़ रुपए पहुंचा दिए थे. कुल पांच करोड़ रुपये की बात हुई थी. बाकी की राशि लगभग दो करोड़ रुपये देने में थोड़ी देरी हो गई. इसी बात पर अस्थाना नाराज हो गए और उन्होंने मेरे खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करा दिया.



loading...