देहरादून: बोर्डिंग की छात्रा के साथ गैंगरेप, पीड़िता के गर्भवती होने तक मामला छुपाता रहा स्कूल प्रबंधन

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दुराचार की पीड़ित छात्रा आया से लेकर डायरेक्टर तक के दरवाजे पर गिड़गिड़ाई, लेकिन हर जगह उसी की गलती बता दी गई. यही नहीं इन सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने उसे स्कूल से निकालने की धमकी भी दी. इसी कारण छात्रा करीब एक महीने तक चुप रही. 14 अगस्त को हुई इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल और चार आरोपी छात्रों समेत 9 को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस जांच में पता चला कि छात्रा ने अपने साथ हुई घटना को थोड़ी देर बाद ही हॉस्टल की आया मंजू को बताया था. इसके बाद उसे सुनने को मिला कि उसी की गलती है, लिहाजा वह चुप रहे. इसके बाद मंजू ने अगले दिन इस बात को मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी तनु मल्होत्रा को बताया. तनु ने छात्रा को बुलाया और कहा कि वह चुप रहे, नहीं तो उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा. बात धीरे धीरे प्रिंसिपल और डायरेक्टर के पास भी गई. उन्होंने भी पीड़ित छात्रा को अपने पास बुलाया और दो टूक कहा कि यह सब उसी की गलती के कारण हुआ है. अगर यह बात वह किसी को बताएगी तो उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा.

पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह इसी डर से चुप रही, लेकिन चार दिन पहले जब उसे मासिक धर्म नहीं हुआ तो वह घबरा गई. उसने अपनी सहेलियों से पूछा तो उन्होंने गर्भवती होने जैसी बात बताई. इसे लेकर वह डायरेक्टर से मिलना चाह रही थी, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया. इसके बाद शनिवार को उसे अपने कमरे में बुलाया और डॉक्टर के पास चलने को तैयार रहने को कहा. यही नहीं, आरोप है कि डायरेक्टर ने उसे धमकी दी कि गर्भपात कराने के बाद उसे स्कूल से निकाल देगी.

राजधानी के नामी बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप के मामले को दबाने के लिए स्कूल प्रबंधन पीड़ित छात्रा की जान से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूका. जिन दवाओं को महिलाओं को देने से भी मना किया जाता है, प्रबंधन ने गर्भपात के लिए वही दवाएं छात्रा को दिलवाईं. स्त्री रोग विषेशज्ञों के अनुसार इन दवाओं से महज 15 साल की इस छात्रा को जान का खतरा भी हो सकता है.

इधर, पुलिस ने राजपुर रोड स्थित डॉक्टर के क्लिनिक पर भी छापेमारी की. वहां उसका रजिस्टर आदि चेक किया जा रहा है. छात्रा के गर्भवती होने का पता चलने के बाद आनन-फानन में रविवार सुबह उसे राजपुर रोड स्थित एक चिकित्सक के क्लिनिक ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे गर्भपात के लिए दवाएं खिलाईं.

एसओ नरेश राठौर का कहना है कि क्लिनिक के रजिस्टर को चेक किया जा रहा है. वहां फिलहाल छात्रा की एंट्री नहीं मिली है. चिकित्सक की तलाश की जा रही है, ताकि उससे भी पूछताछ की जा सके. उन्होंने बताया कि यदि जरूरी हुआ तो चिकित्सक के खिलाफ जांच के लिए सीएमओ को भी लिखा जाएगा.

गैंगरेप के आरोप में पकडे़ गए छात्र भले ही नाबालिग हैं, लेकिन उन्होंने घटना को बड़े ही शातिराना तरीके से अंजाम दिया था. उन्होंने स्कूल के हॉस्टल में छात्रा को एक टीचर के नाम से बुलावा भेजा था. छात्रा उनकी बातों में आ गई और हॉस्टल के स्टोर की तरफ चली गई. इसी बीच वहां इन छात्रों ने उसे पकड़ा और गैंगरेप कर डाला. यही नहीं, आरोपी छात्रों ने छात्रा को जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया.



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