आसाराम यौन उत्पीड़न मामला: कल सुनाया जाएगा फैसला, भारी पुलिस बल तैनात, समर्थकों के आने पर रोक

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भारत के सबसे चर्चित यौन उत्पीड़न मामलों में से एक आसाराम केस में बुधवार को जोधपुर जेल में लगने वाली कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी. सुरक्षा को देखते हुए इस दिन शहर में आसाराम समर्थकों के लिए ‘नो एंट्री’ रहेगी. शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन पर खुफिया एजेंसियां सादा वर्दी में नजर रख रही हैं. सभी थानों की पुलिस टीमों ने सोमवार को होटलों की हर 4 घंटे में तलाशी लेकर इनमें ठहरे लोगों की जानकारी ली. जेल का हॉल कोर्ट रूम के लिए तैयार है.

वहीं, आसाराम समर्थकों के जोधपुर पहुंचने की आशंकाओं को देखते हुए शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन के साथ-साथ बासनी, भगत की कोठी और राइका बाग स्टेशन पर खुफिया एजेंसियों पर सादा वर्दी में नजर रख रही है. इसके साथ ही मंगलवार सुबह से ही शहर में आने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर पुलिस की नाकाबंदी शुरू हो सकती है.

बताया जा रहा है कि शहर में मंगलवार और बुधवार को तकरीबन डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिस के जवान और अधिकारी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे. इनके साथ 5 आरएसी की अतिरिक्त कंपनियां, एसटीएफ, हाडी रानी बटालियन, वज्र, वाटर कैनन भी तैनात की गई हैं.

दूसरी ओर , पुलिस ने शहरवासियों से भी चोरी-छुपे शहर में रह रहे आसाराम समर्थकों की जानकारी की सूचना निकटवर्ती पुलिस थाने में या पुलिस कंट्रोल रूम में देने की अपील की है.

जोधपुर जेल प्रदेश की एकमात्र जेल थी जहां हथियारबंद आरएसी जवान पहरा देते. DIG जेल विक्रम सिंह ने बताया कि जेल के भीतर इनको हथियार रखने की इजाजत नहीं है, पहले आतंकियों की ट्रायल व आसाराम के फैसले को देखते हुए फिर से हथियारबंद जवान पहरा देंगे.



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