तहलका पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल को अदालत ने किया सहकर्मी से दुष्कर्म मामले में घोषित हुए दोषी, सजा तय करने के लिए 21 नवंबर को शुरू होगी सुनवाई

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तहलका पत्रिका के संस्थापक तरूण तेजपाल के खिलाफ बलात्कार के आरोप के एक मामले में आज गोवा की एक जिला अदालत ने दुष्कर्म और अवैध तरीके से कैद के आरोप तय कर दिए. वर्ष 2013 के इस मामले में सुनवाई 21 नवंबर को शुरू होगी.

तेजपाल का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने गोवा की मापुसा अदालत में अनुरोध किया कि सुनवाई स्थगित रखी जाए क्योंकि आरोप तय किए जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका पहले ही बंबई उच्च न्यायालय में लंबित है. अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया और तेजपाल के खिलाफ आरोप तय करने को अनुमति दी. तेजपाल ने दलील दी कि वह दोषी नहीं हैं और इससे सुनवाई का रास्ता साफ हो गया.

लोक अभियोजक फ्रांसिस्को तवोरा ने संवाददाताओं को बताया कि जिला न्यायाधीश विजय पॉल ने तेजपाल के खिलाफ  विरुद्ध आरोप तय किए. तेजपाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म के लिए सजा), 354(ए) ( यौन उत्पीड़न), 341 और 342 (अवैध कैद) आदि के तहत आरोप तय किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अदालत अब इन धाराओं के तहत सुनवाई करेगी.

तहलका के पूर्व संपादक पर 2013 में गोवा के एक पंचसितारा होटल की लिफ्ट में एक पूर्व सहकर्मी के साथ यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप है. इसके पहले इसी सप्ताह गोवा में बंबई उच्च न्यायालय ने तेजपाल के खिलाफ आरोप तय किए जाने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था.



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