एसआर पाटिल ने कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, केरल में राज्यसभा उपसभापति के लिए पार्टी में कलह

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कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार बनने के चंद दिन बाद अब इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है. कांग्रेस के नॉर्थ कर्नाटक के कार्यकारी अध्यीक्ष शिवानगौड़ा रुद्रगौड़ा पाटिल ने हार की नैतिक जिम्मेकदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
वैसे शिवानगौड़ा रुद्रगौड़ा पाटिल कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता रह चुके हैं.

बताया जा रहा है कि पाटिल ने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीअय अध्येक्ष राहुल गांधी को भेजा है. हालांकि पार्टी आलाकमान ने अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है. इस बीच बीजेपी ने पाटिल के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है.

कर्नाटक बीजेपी ने ट्वीट कर कहा, जनादेश का उपहास उड़ाते हुए बने साम्राज्य का पतन शुरू हो गया है. कर्नाटक कांग्रेस के सीनियर लीडर एसआर पाटिल ने अपने पद से इस्तीिफा दे दिया है. सत्ताे की भूखी सरकार के पतन की शुरुआत हो गई है.

केरल में चेंगन्नूर उपचुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस की युवा ब्रिगेड के निशाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आ गए हैं. युवा ब्रिगेड ने साफ तौर पर कहा है कि राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन को सदन में दोबारा नहीं भेजा जाना चाहिए. केरल में तीन राज्यसभा सीटें इस महीने खाली हो रही हैं. ऐसे में सदन में विधायकों की संख्या बल के मुताबिक सीपीआई के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को दो सीटें और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को एक सीट मिल सकती हैं. ऐसे समय में कांग्रेस के एक विधायक ने सोशल मीडिया फेसबुक पर लिखा कि उम्मीद है कि राज्यसभा में तीन सत्र पूरा करने वाले पीजे कुरियन इस बार समझदारी दिखाते हुए अपनी राजनीति छोड़ देंगे. इसके अलावा चार अन्य विधायकों ने भी कुरियन को दोबारा नामित करने के खिलाफ रविवार को मोर्चा खोल दिया. उन्होंने कहा कि कुरियन अस्सी के दशक से संसद में हैं और अब समय आ गया है कि वे युवा लोगों के लिए जगह खाली करें.



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