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सोमवार को राहुल के रोड शो के जरिए कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह गुजरात के बाद मध्यप्रदेश के चुनावी रण में भी सॉफ्ट हिंदुत्व के रास्ते पर चलेगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भोपाल में लालघाटी से दशहरा मैदान तक करीब 13 किलोमीटर के रोड शो के साथ पार्टी चुनाव अभियान का आगाज किया.

राहुल गांधी सोमवार दोपहर करीब 1 बजे भोपाल पहुंचे. उनका स्वागत करने के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे. रोड शो की शुरुआत से पहले पूजा अर्चना और शंखनाद किया गया. यही नहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता गणेश प्रतिमा भी साथ लेकर आए थे. कांग्रेस ने इसके जरिए साफ संकेत दिया कि पार्टी राज्य में सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर आगे बढ़ेगी. राहुल गांधी के रोड शो से पहले सूबे की राजधानी भोपाल को कांग्रेस ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं के पोस्टरों से पाट दिया गया था. इन पोस्टरों में राहुल गांधी की टीका और अक्षत वाली तस्वीरें दिख रही हैं.

इसके अलावा एक तस्वीर में वह शिवलिंग पर जल चढ़ाते नजर आ रहे थे, जबकि बैकग्राउंड में कैलाश मानसरोवर की तस्वीर थी. इस तस्वीर में राहुल गांधी को शिवभक्त करार दिया गया है. हालांकि पार्टी के भीतर पोस्टरों से दिग्विजय सिंह की तस्वीरें गायब होने को लेकर भी तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं.

भोपाल में राहुल गांधी ने अपने रोड की शुरुआत पूजा-अर्चना से की. सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चुनाव लड़ने और पोस्टरों में अक्षत-टीका पर कांग्रेस ने कहा कि इससे ही शुभ काम की शुरुआत होती है, इसलिए इन्हें पोस्टरों में जगह दी गई है. आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस लीडर दिग्विजय सिंह ने भी पूरे प्रदेश में नर्मदा यात्रा निकाली थी. इसे लेकर भी यह माना गया था कि कांग्रेस हिंदुत्व का संकेत देने के लिए यह यात्रा निकाली है.

मध्य प्रदेश में मुस्लिमों की बहुत अधिक आबादी नहीं है. ऐसे में कांग्रेस ने बहुसंख्यक मतदाताओं को लुभाने के लिए शायद हिंदुत्व के कार्ड का सहारा लेने का फैसला लिया है. आपको बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कांग्रेस का डीएनए ही ब्राह्मणों का है. सुरजेवाला का यह बयान सवर्णों को लुभाने वाला माना गया था.



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