राजस्थान में फिर उठी जाट आरक्षण की मांग, कांग्रेस विधायक ने दी बड़े आन्दोलन की चेतावनी

राजस्थान में सीएम के नाम के ऐलान में देरी होने पर पायलट के समर्थकों ने हाइवे किया जाम, भोपाल में सिंधिया और कमलनाथ के समर्थकों का हंगामा

विधानसभा चुनाव परिणाम: राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में मायावती को बड़ी सफलता, अखिलेश को बड़ा नुकसान

Rajasthan Assembly Election Result: सीएम पद को लेकर सचिन पायलट और अशोक गहलोत में खींचतान, राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस टली

विधानसभा चुनाव परिणाम: राजस्थान में कांग्रेस को बहुमत, झालरापाटन सीट पर जीतीं वसुंधरा राजे

विधानसभा चुनाव: राजस्थान में 199 सीटों के लिए मतदान जारी, दोपहर 1 बजे तक 41.43 फीसदी वोटिंग

शरद यादव की विवादित टिप्‍पणी पर राजे ने कहा- मैं अपमानित महसूस कर रही हूं, चुनाव आयोग को एक्शन लेना चाहिए

2018-10-04_JatReservation.jpg

राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को अब केवल दो महीने का समय बचा है. मगर एक बार फिर से यहां जाट आरक्षण का मु्द्दा गर्मा गया है. राज्य के जाट नेताओं ने शुक्रवार को आंदोलन करने की धमकी दी है. नेताओं का कहना है कि सरकार से आज शाम को बातचीत का आश्वासन मिला है. यदि सरकार हमारी बात नहीं मानती है तो कल से जाट आंदोलन होगा.

भरतपुर से जाट नेता और कुम्हेर डीग से कांग्रेस विधायक विश्वेंद्र सिंह ने सरकार को आज शाम तक का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि यदि सरकार शाम तक हमारी मांगों को पूरा करने की तरफ सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो कल से जाट आंदोलन शुरू होगा, इसके अलावा उनका कहना है कि इस बार का आंदोलन इतना बड़ा होगा जिसे कि नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा. उन्होंने कहा, पिछले आंदोलनों के दौरान मैंने जनता को मना लिया था लेकिन इस बार जनता नहीं मानेगी.

जाट नेताओं की मांग है कि भरतपुर धौलपुर के जाटों को केंद्र में आरक्षण दिया जाए. साथ ही पुराने आंदोलकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए. आंदोलन की धमकी दे रहे लोगों का कहना है कि सरकार इन दोनों ही मुद्दों पर पिछले एक साल से आश्वासन दे रही है. आपको बता दें कि पिछले साल विश्वेंद्र सिंह के नेतृत्व में हजारों समर्थकों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना देकर गिरफ्तारी दी थी.

इन लोगों की मांग है कि अगर तीन दिनों में जाट आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और जाटों को ओबीसी श्रेणी के अतंर्गत आरक्षण नहीं दिया गया तो 5 अक्टूर से आंदोलन शुरू किया जाएगा. जाटों के इस अल्टीमेटम का आज आखिरी दिन है. वहीं जिला प्रशासन और सरकार जाट नेताओं को मनाने में लगी हुई है. यदि सरकार उनकी बातों को नहीं मानती है तो प्रदेश को एक बार फिर से आंदोलन की आग में जलना पड़ेगा.



loading...