मुंबई कांग्रेस में गुटबाजी शुरू, संजय निरुपम को अध्यक्ष पद से हटाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले कई नेता

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अक्सर अपने तीखे बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले कांग्रेस की मुंबई इकाई के प्रमुख संजय निरुपम के खिलाफ कांग्रेस के नेताओं ने बगावत कर दी है. राज्य के कई कांग्रेसी नेताओं ने एआईसीसी के महासचिव मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर मांग की है कि पार्टी संजय निरुपम को मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाए और उनकी जगह मिलिंद देवड़ा को कमान सौंपे. रविवार को खड़गे से मुलाकात करने वाले कांग्रेस के नेताओं में पूर्व कांग्रेस सांसद एकनाथ गायकवाड़, पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी, कृपाशंकर सिंह, मौजूदा विधायक नसीम खान और अमीन पटेल शामिल थे, उन्होंने खड़गे से मुलाकात की और मांग की कि पार्टी निरुपम की जगह देवड़ा को लाए.

इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक कांग्रेस नेताओं ने माना कि एक प्रतिनिधिमंडल खड़गे से मिला था. इन नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए एक युवा चेहरे की जरूरत है. जिसके पास अच्छा अनुभव हो और कांग्रेस में विभिन्न गुटों को एकजुट कर सकें. आज के समय में मिलिंद देवड़ा से अच्छा कोई चेहरा नजर नहीं आता.

इन नेताओं का कहना है कि उन्होंने खड़गे से मिलने से पहले इस बारे में मिलिंद से परामर्श नहीं किया था. हमने मिलिंद से बात नहीं की है, हमने कांग्रेस एकता के हित में कदम उठाया है क्योंकि मिलिंद मुंबई कांग्रेस का नेतृत्व करते हैं, मुंबई में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन के लिए उनके नेतृत्व की जरूरत है. इन नेताओं ने दावा किया कि खड़गे ने उनके विचारों की सराहना की और कहा कि इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अवगत कराएंगे.

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम का कहना है कि राहुल गांधी के निर्देश पर वह कांग्रेस को मुंबई में फिर से खड़ा करने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर दूसरे दिन वह सड़कों पर होते हैं. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के तौर पर मुझे कितने समय तक काम करना चाहिए यह पार्टी नेताओं पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी के निर्देशों का पालन करेंगे. वह जैसा कहेंगे वैसा करेंगे.

निरुपम समर्थकों ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं के बारे में कहा कि यह उन नेताओं का अवसरवादी गठबंधन था जो पार्टी में योगदान नहीं करते. निरुपम समर्थकों ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति कृष्णशंकर सिंह हैं, जो एक दिन पहले बीजेपी के मुख्यमंत्री के साथ देखे गए थे और कहा था कि वह आज कांग्रेस में हैं लेकिन कल क्या होगा नहीं पता.उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में गए इन नेताओं में से किसी ने भी कांग्रेस में योगदान नहीं दिया और कांग्रेस के भारत बंद में भी भाग नहीं लिया.



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