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लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही नोटबंदी फिर से चर्चा में आ गई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जयराम रमेश ने कहा है कि नोटबंदी, मोदी सरकार का घोटाला है, जिसकी जांच होना जरूरी है. जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक पर दबाव डालकर इसे लागू करवाया था और यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो वो इसकी जांच जरूर करवाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी की आड़ में जमकर मनी लांड्रिंग की गई थी.

आरटीआई का हवाला देते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि बोर्ड की मंजूरी मिले बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का एलान किया. उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी के एलान से 2.5 घंटे पहले आरबीआई बोर्ड की बैठक हुई. वित्त मंत्रालय की बहुत सारी बातों से बोर्ड सहमत नहीं था.

आरबीआई के निदेशकों व सरकार के बीच नोटबंदी की घोषणा होने से पहले तीन घंटे तक मंथन हुआ था। इस बैठक में आरबीआई के निदेशकों ने सरकार से कहा था कि ज्यादातर कालाधन नकद न होकर के रियल एस्टेट और सोने में निवेश के तौर पर लगाया गया है. इससे इन पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा. 

इसके साथ ही 400 करोड़ रुपये के बड़े नोटों का प्रचलन होने को भी आरबीआई के निदेशकों ने ज्यादा बड़ा नहीं माना था. निदेशकों का तर्क था कि अर्थव्यवस्था के बढ़ने के कारण इतने मूल्य के बड़े नोटों का प्रचलन अच्छा कारक है.



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