थाईलैंड: गुफा में फंसे बच्चों के कोच ने अभिभावकों से मांगी माफी, जानिए क्या कहा

भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद नवाज शरीफ, बेटी और दामाद को बड़ी राहत, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सजा पर लगाई रोक

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में लोग अपने पसंदीदी फल स्ट्रॉबेरी को खाने से डर रहे हैं जानिए- क्या हैं कारण

जर्मनी में दौड़ने लगी पानी से चलने वाली ट्रेन, धुएं की जगह निकलता है भाप और पानी

ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रगान के समय 9 साल की बच्ची खड़ी नहीं हुई तो नेताओं ने स्कूल से निकालने की बात कही

चीन में बड़ा हादसा, भीड़ पर एसयूवी चढ़ाकर लोगों को कुचला, 9 की मौत, 46 से ज्यादा घायल

नवाज शरीफ और बेटी मरियन को कुलसुम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मिली पैरोल, लाहौर पहुंचे

2018-07-07_thaicaverescue.jpg

थाईलैंड की गुफा में 12 बच्चों से साथ फंसे उनके कोच ने अभिभावकों से माफी मांगी है। थाई नेवी ने उनका लिखा एक खत जारी किया है जिसमें उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को कहा है कि 'सभी बच्चे सुरक्षित हैं। मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं उनका ख्याल रखूंगा। मैं सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद कहता हूं और बच्चों के अभिभावकों से माफी मांगता हूं।' कोच ने खत में अपनी दादी और आंटी के लिए लिखा, 'मैं यहां सुरक्षित हूं। परेशान मत होना और अपना ध्यान रखना'।

‘‘यहां वक्त बिताना मुश्किल है, लेकिन हम एक-दूसरे की हिम्मत बांधे हुए हैं। कभी ठंड लगती है तो सिमटकर बैठ जाते हैं। उम्मीद है कि घर जरूर लौटेंगे।’’ थाईलैंड की थैम लुआंग गुफा में 14 दिन से फंसे एक बच्चे ने अपने माता-पिता के लिए ऐसी ही चिट्ठी लिखी है। यह चिट्‌ठी उसने गोताखोरों के जरिए अपने घरवालों तक भेजी। उसने लिखा, ‘‘यहां थोड़ी ठंड है, लेकिन मैं ठीक हूं और जल्द ही घर आऊंगा। ...और मेरा जन्मदिन मत भूल जाना, वरना मैं नाराज हो जाऊंगा।'' 

इस गुफा में अंडर-16 फुटबॉल टीम के 11 से 16 साल के 12 बच्चे और उनके 25 साल के कोच फंसे हैं। वे अभ्यास मैच के बाद गुफा देखने गए थे। तभी बारिश और बाढ़ आ गई और वे फंस गए। गोताखोरों ने इन्हें कागज और पेन मुहैया कराए ताकि वे अपने माता-पिता के नाम संदेश भेज सकें। एक बच्चे ने लिखा, ‘‘मैं 2 हफ्ते से लापता जरूर हूं, लेकिन आपके साथ ही हूं। जल्द ही मैं घर आ जाऊंगा और दुकान के काम में आपकी मदद करूंगा।’’ एक और बच्चे ने लिखा, ‘‘मां और पापा, मैं आपको बहुत प्यार करता हूं। अगर मैं बाहर आ गया तो क्या आप मुझे उस रेस्त्रां में ले जाएंगे जहां पैन-फ्राइड मीट मिलता है?’’

कोच द्वारा भेजा गया यह पहला संदेश है। इससे पहले उन्होंने अपना खाना भी बच्चों के साथ साझा किया था। जिसके बाद लोगों ने उनकी काफी सराहना की। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सारी गलती कोच की बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि खराब मौसम में कोच को बच्चों को लेकर गुफा में नहीं जाना चाहिए था।

थाईलैंड में गुफा में फंसे 12 बच्चों और उनके कोच को बचाने के दौरान बीते दिनों एक बड़ी दुर्घटना भी हुई। उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा था। इसी दौरान बचाव कार्य में लगे एक नेवी कमांडो की मौत हो गई। कमांडो की मौत की वजह ऑक्सीजन की कमी थी। वह फुटबॉल टीम को ऑक्सीजन की सप्लाई करने गए थे। बचाव दल में लगे कमांडोज को प्रतिकूल मौसम से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने पूरे हफ्ते तक बारिश होने का अनुमान जताया है।

बता दें ये बच्चे चिआंग राय प्रांत के थाम लुआंग गुफा में फंसे हुए हैं। इस गुफा से निकलना बेहद मुश्किल बताया जा रहा है क्योंकि यहां चारों तरफ पानी है। अंधेरी गुफा का रास्ता बेहद ही संकरा है। साथ ही वहां कीचड़ भी है। इस दौरान चिआंग राय के राज्यपाल का कहना है कि पहले तो इस कार्य में समय परेशानी बन रहा था लेकिन अब मौसम भी परेशानी बन रहा है।

चियांग राय प्रांत के गवर्नर का कहना है कि अगर बच्चों को 4 दिन में रेस्क्यू नहीं किया गया तो गुफा के अंदर ऑक्सीजन घटने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाएगी। इससे बच्चों का खून जहर में तब्दील होने का खतरा रहेगा। गुफा में पहले से 1200 लोगों की टीम रेस्क्यू में लगी है। इस वजह से वहां अभी सिर्फ 15% ऑक्सीजन रह गई है।



loading...