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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव की कड़ी परीक्षा से गुजरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सीएम शिवराज ने अपने 15 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत की है. हालांकि उनकी इस यात्रा को लेकर विपक्षी दल के नेताओं ने अपना विरोध दर्ज कराना भी शुरू कर दिया है. यात्रा को लेकर कांग्रेस के मध्यप्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है कि यह यात्रा जनता के पैसों की बर्बादी है.
 
वहीं इस यात्रा को लेकर सीएम शिवराज का कहना था कि यह विकास की यात्रा है और राज्य में 15 सालों में जो हुआ उसकी गवाह जनता है. हमने कांग्रेस के कुशासन के बाद 2003 से शुरुआत की थी और जनता का प्यार और आशीर्वाद इस बात का प्रमाण है कि एक बार फिर सत्ता में आने वाले हैं.
 
इसके साथ ही उन्होंने चुनाव सर्वे का जिक्र भी किया जिसमें भारतीय जनता पार्टी को एक बार फिर से सत्ता में आने की संभावना जताई गई है. शिवराज का कहना था हम चौथी बार फिर सत्ता में आने वाले हैं और मध्यप्रदेश को देश का विकसित राज्य बनाया है. जन आशीर्वाद यात्रा के पीछे मकसद है जनता तक पहुंच कर उनसे अब उनके सपनों का मध्य प्रदेश बनाने के लिए वोट मांगना.
 
मुख्यमंत्री के अनुसार 15 साल के उनके शासन में हर क्षेत्र में बिजली, महिला सशक्तिकरण, कृषि, शिक्षा, आईटी, और अन्य क्षेत्रों विकास हुआ है. मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में सबसे तेजी से विकास किया है. इसके बावजूद ये नहीं भूला जा सकता कि राज्य सबसे बड़े किसान आंदोलन का भी गवाह रहा है. 2016 में 1300 से अधिक किसानों की आत्महत्या को दरकिनार नहीं किया जा सकता है.
 
शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का वादा किया है और मध्यप्रदेश ये हासिल करने वाला पहला प्रदेश बनेगा. अपने दिए गए एक बयान में चौहान ने ये भी कहा है कि असली किसान आंदोलन करने नहीं जाते. आंदोलन विपक्षी दलों द्वारा शांति भंग करने का एक हथियार है. बल्कि कुछ किसानों द्वारा किये गए बंद के दौरान भी हमने तो किसी प्रकार के आंदोलन का सामना नहीं किया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनता से कहा कि हमें भारत को 'कांग्रेस मुक्त भारत' के साथ 'बीजेपी युक्त भारत' बनाना है.



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