त्रिपुरा सीएम के भाषण को प्रसारण करने से डीडी ने किया मना, पीएम मोदी पर साधा निशाना

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने ये कथित रूप से आरोप लगाया, जिसमें ये कहा गया था कि दूरदर्शन और आकाशवाणी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनके भाषण को प्रसारित करने से इनकार कर दिया इसके बाद इस मामले ने नया रूप ले लिया है. मोदी के सहयोगात्मक संघवाद वाली सोच पर हमला करते हुए सत्ताधारी सीपीएम ने इसकी निंदा की है. बता दें कि दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो ने कथित तौर पर मणिक सरकार से उनके भाषण को नया रूप देने को कहा था.

राज्य सरकार ने इसे ‘अलोकतांत्रिक, निरंकुश और असहिष्णु कदम’ करार दिया. दूरदर्शन और आकाशवाणी का संचालन संभालने वाले प्रसार भारती से इस मामले में फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. त्रिपुरा सरकार की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया कि दूरदर्शन और आकाशवाणी ने गत 12 अगस्त को सरकार का भाषण रिकॉर्ड कर लिया और 14 अगस्त की शाम सात बजे मुख्यमंत्री कार्यालय को एक पत्र के जरिए सूचित किया गया कि उनके भाषण को जब तक नया रूप नहीं दिया जाता तब तक इसे प्रसारित नहीं किया जाएगा.

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि दूरदर्शन, आरएसएस-भाजपा की निजी संपत्ति नहीं है और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने लोगों को दिशा निर्देश दे रहे हैं कि विपक्ष की आवाज को दबा दिया जाए, जिसमें कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री शामिल हैं.

सीपीएम नेता बृंदा करात ने इसकी निंदा की और इसे अपमानजनक और पूरी तरह गलत बताया. उन्होंने कहा, ‘श्रीमान मोदी सहयोगी संघीय ढांचे की बात करते हैं, उनकी सरकार के कार्यकाल में, दूरदर्शन ने स्पीच को सेंसर किया और त्रिपुरा के सीएम का भाषण ब्रॉडकास्ट करने से इनकार कर दिया. साथ ही उन्होंने सरकार से सहयोगात्मक संघवाद, चुने हुए मुख्यमंत्री के अपमान का यही तरीका है, दूरदर्शन को एक चुने हुए मुख्यमंत्री के भाषण को सेंसर करने की कोशिश का अधिकार किसने दिया जैसे कई सवाल किये

70वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह भी लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री रहे हैं. उन्होंने कहा था, ‘मैं जानता हूं कि देश के विकास के लिए राज्य महत्वपूर्ण हैं. मैं मुख्यमंत्रियों और राज्य सरकारों की महत्ता को समझता हूं. और अब हम सभी फैसले साथ ले रहे हैं.’

दूरदर्शन के कथित इनकार से सीपीएम के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा गया, ‘दूरदर्शन ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार का भाषण प्रसारित करने से इनकार किया. क्या प्रधानमंत्री मोदी इसी सहयोगात्मक संघवाद की बात करते हैं? शर्म की बात है.’ सीपीएम ने माणिक सरकार के भाषण की कॉपी भी ट्वीट की जिसे कथित तौर पर डीडी ने नहीं चलाया. माना जा रहा है कि पार्टी का परोक्ष इशारा प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन की ओर था. येचुरी ने ट्वीट पर टैग करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि चैनल द्वारा सरकार का भाषण प्रसारित करने से मना करना ‘गैरकानूनी’ है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘अगर यह तानाशाही और अघोषित आपातकाल नहीं है तो क्या है? सीपीएम, त्रिपुरा की जनता और हमारे सभी नागरिक इससे लड़ेंगे.’

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