2019 लोकसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने खेला हिन्दू कार्ड, दुर्जा पूजा कमेटी को देंगी 10-10 हजार रुपए

कोलकाता में ममता की महारैली का आगाज, यशवंत सिन्हा ने कहा- कश्मीर का हल गोली से नहीं प्यार की बोली से होगा

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को बड़ा झटका, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौमित्र खान ने थामा बीजेपी का दामन

ट्रेड यूनियन के कर्मचारियों की हड़ताल का आज दूसरा दिन, पश्चिम बंगाल में हिंसा के चलते बस ड्राइवरों ने लगाया हेलमेट

कोलकाता में मां के शव के साथ 18 दिनों से रह रहा था बेटा, कब्र खोदने के लिए रिश्तेदार से मांगी मदद

पश्चिम बंगाल: कलकत्‍ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के फैसले को पलटा, बीजेपी की रथ यात्रा को किया रदद्

कलकत्ता हाई कोर्ट से ममता सरकार को बड़ा झटका, बीजेपी की 3 रथ यात्राओं को दी मंजूरी

2018-09-11_mamtabanarji.jpg

एक तरफ पश्चिम बंगाल कर्ज से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गा पूजा में 28 करोड़ रुपये गिफ्ट देने की घोषणा की है. ममता बनर्जी ने कहा है कि राज्य के कोषागार से वह सभी दुर्गा पूजा पंडालों को 10 हजार रुपये देंगी. आपको बता दें कि सिर्फ कोलकाता में 3 हजार दुर्गा पूजा पंडाल हैं. वहीं, पूरे पश्चिम बंगाल में 25, 000 दुर्गा पूजा पंडाल हैं. ऐसे में सरकार सभी 28000 पंडालों को 10-10 हजार रुपये देगी. 

ममता बनर्जी ने कहा, कोलकाता नगर निगम, राज्य इमरजेंसी और फायर सर्विस डिपार्टमेंट कोलकाता के हर पूजा कमेटी को 10-10 हजार रुपये देगी. ये पैसे कोलकाता पुलिस को भेज दिया जाएगा. जिलों में पर्यटन मंत्रालय, उपभोक्ता अधिकार मंत्रालय और सेल्फ हेल्प ग्रुप डिपार्टमेंट पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ हर पूजा कमेटी को 10-10 हजार रुपये देगी. हालांकि, इसमें उन्होंने कहा कि कुछ ‘बदमाश’ लोग इस पैसे को नहीं लेंगे.

सीएम ने इसके साथ ही ये भी कहा कि दुर्गा पूजा कमेटियों से फायर और इमरजेंसी सर्विस के लाइसेंस के लिए फीस भी नहीं वसूला जाएगा. हालांकि, ममता बनर्जी के इस कदम की काफी आलोचना भी हो रही है. राज्य के वित्त मामलों के जानकारों का कहना है कि फिलहाल राज्य पर 3.64 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है. ऐसे में दुर्गा पूजा गिफ्ट के बाद ये कर्ज 3.94 लाख करोड़ रुपये बढ़ जाएगा.

आपको बता दें कि ममता बनर्जी सरकार जब साल 2011 में सरकार में आई थी तो उस समय राज्य पर दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज था. लेफ्ट सरकार के ऊपर ये कर्ज कई साल से बना हुआ था. इसके बाद मुख्यमंत्री और राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा कर्ज देने के समय और छूट को लेकर इस मुद्दे को केंद्र के सामने कई बार रख चुके हैं.



loading...