ताज़ा खबर

CJI महाभियोग मामला में पीछे हटी कांग्रेस, सिब्बल ने वापस ली याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा और अजय चंद्रा की जमानत याचिका की खारिज

सुप्रीम कोर्ट के CJI ने कहा- SC/ST वर्ग के लिए जज बनने के मापदंड कम किए जाएं

प्रियंका वाड्रा की राजनीति में एंट्री, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की महासचिव बनाई गईं, बीजेपी ने कहा- यह राहुल गांधी के असफल होने की वजह

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले में संग्रहालय का किया उद्घाटन

NSA अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की याचिका पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, 30 जनवरी को होगी सुनवाई

ईवीएम हैकिंग को लेकर कांग्रेस पर बीजेपी ने साधा निशाना, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूछा, प्रेस कांफ्रेंस में कपिल सिब्बल क्या कर रहे थे

2018-05-08_dipakmisra-1525744105.jpg

कांग्रेस ने CJI के खिलाफ महाभियोग का नोटिस खारिज करने के उप-राष्ट्रपति के फैसले के विरोध में दायर याचिका को सर्वोच्च अदालत से वापस ले लिया है. कांग्रेस की और से पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल  ने वेंकैया नायडू के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका को वापस ले लिया है.

याचिका वापस लेने के बाद कपिल सिब्बल ने कहा है कि हमने कल सुप्रीम कोर्ट में महाभियोग प्रस्ताव को खारिज करने के उप-राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती दी थी. इस मामले पर आज सुनवाई होनी थी. पर हमें कल शाम को बताया गया कि हमारी याचिका की सुनवाई 5 जजों की बेंच करेगी. आखिर किसने बेंच बनाने के यह आदेश दिए? इस याचिका को कांग्रेस के पंजाब और गुजरात के राज्ससभा सांसदों ने कोर्ट में दायर किया था. इस याचिका पर कोर्ट की संवैधानिक पीठ जस्टिस एके सीकरी, एसए बोबडे, एनवी रमाना, अरुण मिश्रा और आदर्श गिरी को सुनवाई करनी थी. मगर सुनवाई से पहले ही कांग्रेस ने याचिका को वापस ले लिया जिसके बाद यह खारिज हो गई है. 

कांग्रेस हमेशा से सीजेआई दीपक मिश्रा पर महाभियोग चलाने की मांग कर रही है. जिसे उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू खारिज कर चुके हैं. कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसदों प्रताप सिंह बाजवा और अमी हर्षाद्रय याग्निक ने 5 जजों की संवैधानिक पीठ के सामने याचिका दायर की थी. 

हालांकि देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि यह सिब्बल पर निर्भर करता है कि वह मामले पर बहस करना चाहते हैं या नहीं. जस्टिस सीकरी द्वारा जिस पीठ का प्रतिनिधित्व किया जा रहा था उसमें कोई भी वरिष्ठ वकील शामिल नहीं था. यहां तक कि 12 जनवरी को जस्टिस मिश्रा पर महत्वपूर्ण केसों को जूनियर जजों वाली चुनिंदा बेंचों को देने का इलज़ाम लगाने वाले जस्टिस चलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर और कुरियन जोफेस भी वहां नहीं थे.



loading...