ताज़ा खबर

अमेजन-एपल जैसी लगभग 30 कम्पनियों में चीनी जासूसों ने लगाई सेंध, चावल के दाने के बराबर चिप से दिया अंजाम

2018-10-05_MircroChip.jpeg

चीनी जासूसों के साइबर हमले की चपेट में अमेरिका की लगभग 30 कंपनियां आ गई हैं. इनमें अमेजन और एपल जैसी कंपनियां भी हैं. अमेजन के सर्वर की जांच के दौरान मदरबोर्ड पर यह चिप पाई गई. अमेजन डॉट कॉम ने अपनी वीडियो सेवा को बेहतर बनाने के लिए 2015 में एलीमेंटल टेक्नोलॉजी नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया था, जिसे आज अमेजन प्राइम वीडियो के नाम से जाना जाता है. एलीमेंटल की सुरक्षा की जांच के लिए अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) ने एक थर्ड पार्टी कंपनी से करार किया.

इसमें सबसे पहले जो परेशानी सामने आई उसने एडब्ल्यूएस को एलीमेंटल के मुख्य उत्पाद यानी महंगे सर्वर पर नजर रखने के लिए प्रेरित किया, जिन्हें उपभोक्ता अपने वीडियो कंप्रेस करने के लिए नेटवर्क पर इंस्टाल करते हैं. एलीमेंटल के लिए यह सर्वर सैन जोस की एक कंपनी सुपर माइक्रो कंप्यूटर या सुपरमाइक्रो ने बनाए थे. यह कंपनी मदरबोर्ड सप्लाई करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. 

2015 में ही एलीमेंटल ने जांच के लिए कुछ सर्वर सुरक्षा कंपनी के पास भेजे. जांच में सर्वर के मदरबोर्ड पर चावल के दाने जितनी बड़ी एक माइक्रोचिप मिली, जो बोर्ड की डिजाइन का भाग नहीं थी. अमेजन ने यह जानकारी अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों को दी. आपको बता दें कि एलीमेंटल के सर्वर रक्षा डाटा केंद्र के विभाग, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी सीआइए के ड्रोन ऑपरेशन और नौसेना के युद्धपोतों के ऑनबोर्ड नेटवर्क में इस्तेमाल किए जाते हैं. वहीं, एलीमेंटल सुपरमाइक्रो के सैकड़ों कस्टमर में से एक है. 

उच्च स्तरीय गुप्त जांच में पता चला कि इस चिप की सहायता से परिवर्तित मशीनों समेत किसी भी नेटवर्क में पहुंचा जा सकता था. जानकारी के मुताबिक जांच में पाया गया कि माइक्रोचिप को चीन में सब कांट्रैक्टर उत्पादकों द्वारा संचालित फैक्ट्री में डाला गया था. जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि इस माइक्रोचिप से लगभग 30 कंपनियां प्रभावित हुई हैं. इनमें मुख्य बैंक, सरकारी ठेकेदार और दुनिया की सबसे कीमती कंपनी एपल भी शामिल है. 

अमेजन ने ईमेल के द्वारा दिए गए अपने बयान में कहा है कि अमेजन वेब सर्विसेज को इस बारे मे पहले से कोई जानकारी नहीं थी. एपल की ओर से कहा गया कि इस मामले में एक बात बिल्कुल साफ है कि एपल को किसी भी सर्वर में नुकसान पहुंचाने वाली कोई चिप नहीं मिली है.

वहीं, सुपरमाइक्रो के प्रवक्ता पेरी हेज ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी जांच के बारे में जानकारी नहीं है. इस मामले में चीन की सरकार की ओर से कोई सीधा बयान नहीं आया है. हालांकि यह जरूर कहा गया है कि साइबर क्षेत्र में सप्लाई चेन सुरक्षा चिंता का आम विषय है. चीन भी इससे पीड़ित रहा है. आमतौर पर साइबर हमले सॉफ्टवेयर पर आधारित होते हैं. हार्डवेयर आधारित साइबर हमले आमतौर पर नहीं होते क्योंकि यह बहुत कठिन होता है. लेकिन, हार्डवेयर हमला लंबे समय तक प्रभावित करने वाला होता है, इसलिए भी जासूसी एजेंसियां इसमें अरबों डॉलर तक लगाने से पीछे नहीं हट रही हैं.



loading...