सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवरिया बालिका गृह केस में सीबीआई जांच के दिए निर्देश

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कथित यौन शोषण मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी सिफारिश की है. इसके साथ ही विभागीय जांच एसआईटी से कराने का फैसला किया गया. उधर, बालिका गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की बेटी को गोरखुपर में हिरासत में लिया गया. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. गिरिजा का बेटा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

इस बीच, मंगलवार को बालिका गृह से छुड़ाई गईं 21 लड़कियों की मेडिकल जांच कराई गई. इनकी रिपोर्ट आना बाकी है. यहां से लापता हुई 21 साल की एक लड़की को मंगलवार को गोरखपुर के वृद्धाश्रम से बरामद किया गया. यह वृद्धाश्रम भी गिरिजा त्रिपाठी का है. प्रशासन ने इसे सील कर दिया है.

शेल्टर होम से छुड़ाई एक लड़की ने संस्था संचालक पर बच्चे बेचने का आरोप लगाया. उसने बताया कि कुछ दिन पहले यहां से चार लड़की और एक लड़का स्पेन भेजा गया था. इनमें जुड़वा बहनें भी थीं. इनकी उम्र 5 से 8 साल के बीच थी. बालिका गृह में एक लड़की की मौत होने की बात भी सामने आई है. इसकी जांच की जा रही है.

मंगलवार को मेडिकल जांच के लिए लाई गईं लड़कियों ने बताया कि बालिका गृह में उन्हें अमानवीय हालात में रखा जाता था. खाने में पानी जैसी दाल, कंकड़ मिले चावल और खराब आटे की रोटियां दी जाती थीं. विरोध करने पर पीटा जाता था. गंदे बिस्तरों पर सोने के लिए मजबूर किया जाता था.

5 अगस्त को बालिका गृह से एक लड़की भाग गई थी. स्थानीय लोगों ने इसे पुलिस के पास भेज दिया. पूछताछ में उसने बताया कि बालिका गृह से लड़कियों को रात में बाहर भेजा जाता था. बड़ी-बड़ी गाड़ियों में लोग आते थे और लड़कियों को ले जाते थे. सुबह लड़कियां रोती हुईं आती थीं. इस आश्रय स्थल की मान्यता पिछले साल ही रद्द की जा चुकी थी. इसके बाद भी यहां लड़कियों को भेजा जाता रहा. संस्था के रिकॉर्ड में 42 बच्चों के नाम दर्ज है, जबकि पुलिस के छापे में यहां 20 लड़कियां और तीन लड़के मिले थे.



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