सीबीएसई लीक केस: फ्री में व्हाट्सएप पर बांटे गए थे पेपर, 60 लोगों से पूछताछ

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पुलिस ने CBSE पर्चा लीक मामले में अब तक 60 लोगों से पूछताछ की है. इनमें 10 व्हाट्सएप ग्रुपों के एडमिन भी शामिल हैं. इन पर लीक हुआ प्रश्नपत्र शेयर किया गया था. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पेपर कहां से लीक हुआ. जांच से ताल्लुक रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि ट्यूशन टीचर्स और छात्रों से पूछताछ की गई है. सभी ने कहा कि उन्हें किसी और से पेपर मिले थे. इस तरह का कोई संकेत नहीं है कि इन पेपरों को शेयर करने के लिए पैसे लिए गए हैं.

पुलिस ने गूगल से भी उस ई- मेल पते के बारे में जानकारी मांगी है जहां से CBSE की प्रमुख को ई- मेल भेजकर सूचित किया गया था कि 10वीं कक्षा का गणित का पर्चा लीक हो गया है. इस बीच 10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के मामले में झारखंड के चतरा जिले के 6 छात्रों को हिरासत में लिया गया है. गणित के पेपर से जुड़ी शिकायत पर बोर्ड ने कहा कि परीक्षा से एक दिन पहले लीक के बारे में CBSE अध्यक्ष की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक ई-मेल आया था.

उन्होंने बताया कि ईमेल भेजने वाले ने कहा था कि गणित का पेपर व्हाट्सएप पर लीक हो गया है और इसे रद्द किया जाना चाहिए. दिल्ली पुलिस ने 2 मामले दर्ज किए हैं. अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के संबंध में पहला मामला 27 मार्च को और गणित का पेपर लीक होने का मामला 28 मार्च को दर्ज किया गया.

गणित और अर्थशास्त्र की परीक्षा क्रमश: 28 मार्च और 26 मार्च को हुई थी. मामले की जांच के लिए पुलिस के 2 उपायुक्तों, चार सहायक पुलिस आयुक्तों और पांच निरीक्षकों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है. यह दल संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) की निगरानी में काम कर रहा है.



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