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ब्रिटेन के उच्चायोग ने ब्रिटिश नागरिक और अगस्ता-वेस्टलैंड मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल तक राजनयिक पहुंच की मांग की है. उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा कि हमने भारतीय अधिकारियों से मिशेल की अवस्था को लेकर तत्काल जानकारी मांगी है. एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हमने मिशेल से राजनयिकों को मिलने देने की भी अपील की है. हमारा स्टाफ यूएई में हिरासत के बाद से ही ब्रिटिश नागरिक के परिवार की मदद कर रहा है. हम परिवार और यूएई अधिकारियों के संपर्क में हैं.

साथ ही भारतीय अधिकारियों से उसकी हालत के बारे में तत्काल जानकारी मांगी है. इस बीच ब्रिटेन की सरकार ने भी भारत से मिशेल की हिरासत और प्रत्यर्पण के बारे में तत्काल सूचना मांगी है. यह जानकारी ब्रिटेन के विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के प्रवक्ता ने दी. सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार को ब्रिटिश उच्चायोग की तरफ से क्रिश्चियन मिशेल तक राजनयिक पहुंच की मांग वाली प्रार्थना मिल गई है और वह इस मामले की जांच कर रही है.

आपको बता दें कि यह हेलिकॉप्टर भारतीय वायुसेना के लिए खरीदे जाने थे, जिनमें से 8 का इस्तेमाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी की उड़ान के लिए किया जाना था. वहीं बाकी के चार हेलिकॉप्टरों में एक साथ 30 एसपीजी कमांडो के सवार होने की क्षमता थी.

2010 में भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच करार हुआ था. जनवरी 2014 में भारत सरकार ने 3600 करोड़ रुपए के करार को रद्द कर दिया. आरोप था कि इसमें 360 करोड़ रुपये का कमीशन लिया गया.

इसके बाद भारतीय वायुसेना को दिए जाने वाले 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की सप्लाई के करार पर सरकार ने फरवरी 2013 में रोक लगा दी थी. जिस वक्त यह आदेश जारी किया गया, भारत 30 फीसदी भुगतान कर चुका था और बाकी तीन अन्य हेलीकॉप्टरों के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी.

यह मामला इटली की अदालत में चला जिसमें ये बातें उजागर हुईं कि 53 करोड़ डॉलर का ठेका पाने के लिए कंपनी ने भारतीय अधिकारियों को 100-125 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी थी. इतालवी कोर्ट के फैसले में पूर्व आईएएफ चीफ एसपी त्यागी का भी नाम सामने आया था.



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