रोहिंग्या के लिए प्रार्थना सभा कराने पर BJP नेता सस्पेंड, मोदी से मांगा इंसाफ

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असम की बीजेपी नेता बेनज़ीर अरफान को रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में आवाज उठाना भारी पड़ा. उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया. बेनज़ीर ने राज्य में बीजेपी की ओर से एंटी ट्रिपल तलाक कैंपेन का चेहरा रही थी. वह खुद ट्रिपल तलाक की विक्टिम रह चुकी हैं.

जानकारी के मुताबिक , बेनज़ीर ने अपने कई फेसबुक पोस्ट में म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार का विरोध किया है. जिसके बाद पार्टी ने उनपर ये कार्रवाई की. बीते गुरुवार को पार्टी के सेकेट्ररी दिलीप ने उन्हें एक लेटर भेजकर ये सूचना दी. उनसे 3 दिनों के अंदर इस मुद्दे पर सफाई देने को कहा है.

बेनजीर ने कहा कि अल्पसंख्यकों को एकजुट करने के लिए एक NGO ने इवेंट कराया था. इसमें म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के लिए प्रार्थना की गई. पर बीजेपी लीडरशिप को लगता है कि ये भारत में अवैध तौर पर रहने वाले रोहिंग्या के लिए लॉबिंग की जा रही है. इवेंट के एक दिन पहले 16 सितंबर को मुझे सस्पेंड कर दिया गया.

मैंने ईमानदारी से बीजेपी के लिए काम किया. क्या यही इसका ईनाम है. स्टेट बीजेपी में पुरुषों की चलती है. महिला वर्कर्स को दरकिनार कर उन्हें ही जिम्मेदारियां दी जाती हैं. ये सिर्फ एक प्रार्थना सभा थी. मैं कभी बीजेपी में वापस नहीं लौटूंगी. नरेंद्र मोदी मेरे साथ हुई नाइंसाफी पर कार्रवाई करें.

बता दें कि केंद्र सरकार ने भारत में अवैध तरीके से रहने वाले 40 हजार रोहिंग्या को वापस भेजने की बात कही है.



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