सीटों के बंटवारे पर बीजेपी ने नीतीश का बड़ा भाई वाला फॉर्मूला किया खारिज

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आगामी लोकसभा चुनावों में जनता दल यूनाइटेड JDU के सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला भाजपा ने सिरे से खारिज कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश कुमार के करीबी आरसीपी सिंह और ललन सिंह ने भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव से दिल्ली में मुलाकात की है. 

इस मुलाकात में भाजपा के समक्ष दो फॉर्मूले पेश किए गए. पहला फॉर्मूला जिसमें एनडीए के घटक दलों की सीटें तय कर दी जाए इसके बाद बाकी बची सीटों का जदयू और भाजपा बराबर हिस्सा कर ले. वहीं दूसरे फॉर्मूले के तहत जदयू 21 सीटों पर तो भाजपा अन्य सहयोगी दलों के साथ 19 सीटों पर लड़े. भाजपा ने इन दोनों ही फॉर्मूले को खारिज कर दिया.

आपको बता दें कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर भाजपा ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है तो वहीं 2015 विधानसभा चुनावों में भाजपा से ज्यादा सीट जीतने वाली जदयू सीट बंटवारे में इस परिणाम को आधार बनाने की मांग पर अड़ी हुई है. जदयू ने चार राज्यों में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान कर भाजपा को तेवर दिखाए हैं. नीतीश कुमार की पार्टी ने साफ कहा है कि एनडीए अगर इसे चेतावनी समझे, तो उसे फर्क नहीं पड़ता. पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा है कि वाजपेयी के समय भी एनडीए से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश राजस्थान और कर्नाटक में हमारा गठबंधन था. हम मिल कर चुनाव लड़े थे.

अपने संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए हमने तय किया है कि जहां हमारी पकड़ मजबूत है, हम मैदान में जाएंगे. हम न किसी को हराने के लिए लड़ रहे हैं और न जिताने के लिए. जदयू एनडीए गठबंधन का हिस्सा है. 7 और 8 जुलाई को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है, बाकी मुद्दे उसमें तय किए जाएंगे. केसी त्यागी के बयान पर भाकपा नेता अतुल अंजान ने तंज कसा और कहा, सब में शामिल रह कर सबसे जुदा होने की कोशिश न करें नीतीश. वह भाजपा के ‘टाइम टेस्टेड फ्रेंड’ हैं. उन्हें पहले जवाब देना होगा कि उन्होंने बिहार में महागठबंधन क्यों तोड़ा.



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