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भाजपा अनुशासन समिति ने क्रिकेट बल्ले से अधिकारी को पीटने वाले इंदौर से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को इस मामले में जेल भी जाना पड़ा था जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था.

खास बात ये है कि इस मामले में खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बिना नाम लिए उनकी आलोचना की थी. भाजपा संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने बिना नाम लिए घटना पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने कहा था कि राजनीति में अनुशासन होना चाहिए. दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए. ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने वाले लोग भले ही किसी के भी बेटे हों, लेकिन उन्हें मनमानी की इजाजत नहीं दी जा सकती.

विधायक आकाश ने जेल से निकलने के बाद कहा था, 'क्षेत्र की जनता के लिए हम आगे भी काम करते रहेंगे. जेल में समय अच्छा बीता.' उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जब एक महिला को पुलिस के सामने घसीटा जा रहा था, मैं कुछ और करने के बारे में सोच भी नहीं सकता था, जो मैंने किया उस पर शर्मिंदा नहीं हूं लेकिन मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वो दोबारा बल्लेबाजी करने का अवसर न दें.

आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी. उनकी निगम कर्मचारी से पहले बहस हुई थी. अपने कृत्य को लेकर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि- पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन के तहत कार्रवाई की जाएगी. आकाश के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट और बलवा के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था.



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