त्रिपुरा: बिप्लब देब बनेंगे त्रिपुरा के सीएम, जिष्णु देब वर्मा होंगे उपमुख्यमंत्री

ऐश्वर्या मिस वर्ल्ड बनीं तो ठीक, पर डायना का बनना समझ से परे: त्रिपुरा के सीएम

त्रिपुरा: विधानसभा में गाया गया पहली बार राष्ट्रगान, CPM विधायक ने कहा- पहले हमसे नहीं की गई बात

त्रिपुरा: BJP समर्थकों का हंगामा, लेनिन की मूर्ति गिराई, राजनाथ ने गवर्नर से सरकार बनने तक हालात पर नजर रखने को कहा

विधानसभा चुनाव: त्रिपुरा में गरजे पीएम मोदी, राज्‍य को माणिक की जगह 'हीरा' की जरूरत

BJP की त्रिपुरा इकाई के पूर्व अध्यक्ष रोनाजॉय कुमार देव ने दिया पार्टी से इस्तीफा

त्रिपुरा असेंबली इलेक्शन: चुनावी-सुनामी कार्यक्रम में बीजेपी प्रत्याशी रतन चक्रवर्ती ने कहा- प्रदेश में बनेगी बीजेपी की सरकार

2018-03-06_Biplab-Kumar-Deb.jpeg

त्रिपुरा में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी ने सरकार चलाने की जिम्मेदारी बिप्लव कुमार देव को दी है। विधायक दल की बैठक में फैसला हुआ कि बिप्लव कुमार देव ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बनेंगे। पार्टी द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी दी। प्रेस कांफ्रेंस में बिप्लव कुमार देव भी मौजूद थे।  मीडिया को जानकारी देते हुए बिप्लव कुमार ने बताया कि जिश्नु देव बर्मन मेरे साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जिश्नु देव राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। 

जिम ट्रेनर से राजनेता बने बिप्लब कुमार ने 2016 में त्रिपुरा भाजपा की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में राज्य में पार्टी ने शून्य से शिखर का प्रदर्शन किया है। ऐसे में मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम की चर्चा स्वाभाविक थी। मुख्यमंत्री की रेस में बिप्लब इसलिए भी सबसे ज्यादा आगे थे, क्योंकि लो-प्रोफाइल रहकर वह अपना काम बखूबी अंजाम देने में माहिर माने जाते हैं। चुनाव नतीजों के दौरान बीजेपी महासचिव राममाधव के साथ वह मंच भी साझा करते दिखे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि बीजेपी आलाकमान भी बिप्लब को सीएम की कुर्सी पर बिठाने का लगभग मन बना चुका है। साथ ही त्रिपुरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैलियों को कामयाब बनाने में वह चुपचाप पर्दे की पीछे से अपना काम करते रहे। कम बोलने वाले और अपने काम पर ध्यान रखने वाले बिप्लब की पहचान बीजेपी में कर्मठ नेता की है। राज्य के जनजातीय इलाकों में इन्होंने भाजपा के लिए खूब काम किया।

चुनाव जीतने के बाद बीजेपी के सामने चुनौती थी कि मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसे दी जाए। बीजेपी, माणिक सरकार की तरह ही साफ सुथरी छवि के नेता को जिम्मेदारी देना चाहती थी। बिप्लव को बीजेपी के लोकप्रिय चेहरे के तौर पर जाना जाता है। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। अमित शाह की रणनीति को बिप्लव ने जमीनी स्तर पर कामयाब बनाया। विधानसभा चुनाव में उन्हें वनमालीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था। 
गौर हो कि मेघालय में बीजेपी के समर्थन से कोनराड संगमा की सरकार बनी। शिलॉन्ग में हुए शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। नागालैंड में बीजेपी सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई है।  



loading...