निजी क्षेत्र में भी आरक्षण होना चाहिए, राष्‍ट्रीय स्‍तर पर हो बहस: नीतीश कुमार

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नया शिगूफा छोड़ दिया है. नीतीश ने राय जाहिर करते हुए कहा है कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण होना चाहिए. नीतीश ने निजी क्षेत्र में आरक्षण को लेकर विचार तो दिया साथ ही ये भी कह दिया कि इसपर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होनी चाहिए. एक दिन पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरक्षण की व्यवस्था पर बल दिया था और इसे जारी रखे जाने की वकालत की थी. 

जातिवाद को देश का दुर्भाग्य बताते हुए भागवत ने कहा कि इसको समूल नष्ट होना चाहिए. जातिप्रथा देश का दुर्भाग्य है, इसका समूल नष्ट होना चाहिए. एक विशेष वर्ग पिछड़ गया, इस वर्ग को सैंवधानिक समानता तब तक मिले जब तक उन्हे सही जगह नहीं मिल जाती. इस वर्ग के लिए आरक्षण जारी रहना चाहिए. एक दिन बाद नीतीश ने एक अलग राय जाहिर की जिससे देश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो सकती है.

नीतीश की राय पर बिहार से बीजेपी के वरिष्ठ सांसद हुकुमदेव नारायण सिंह ने भी खुशी जाहिर की. सिंह ने कहा, हां, ये सही है. इसपर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होनी ही चाहिए. नीतीश जी ने ये मुद्दा उठाया, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देना चाहता हूं.

बिहार में गठबंधन को लेकर नीतीश से सवाल किया गया. इसपर बिहार के सीएम ने कहा कि जो भी फैसला लिया गया, वह बिहार के हित में था. हम जिस गठबंधन में आए वह 4 साल पहले वाला ही है. नीतीश से जीएसटी पर भी सवाल किया गया. इसपर उन्होंने कहा कि जो भी लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि इसे प्रस्तावित कब किया गया था? पहले वैट लाया गया और फिर जीएसटी. बदलाव में वक्त लगता है. इसका विरोध करने की कोई वजह नहीं बनती.
 



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