हिमाचल प्रदेश सरकार ने लिया ‘राजनीति से प्रेरित’ सभी मामलों को वापस लेने का फैसला, धूमल और अनुराग ठाकुर को राहत

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हिमाचल प्रदेश के नये मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार द्वारा दायर किये गये ‘राजनीति से प्रेरित’ सभी मामलों को वापस लेने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा हुआ है पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और सांसद अनुराग ठाकुर का. नई सरकार ने जो मामले वापस लिए है उसमें हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े केस भी शामिल है. कांग्रेस सरकार ने राज्य की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा को हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की गतिविधियों और धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए लीज पर दी गई जमीन के मामले की जांच के आदेश दिये थे. अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं.

वीरभद्र सिंह की सरकार ने धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में गड़बड़ी को लेकर धोखाधड़ी, हेराफेरी आदि के कई मुकदमे दर्ज किए थे.

2013 में एसोसिएशन के खिलाफ पहली प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें, धोखाधड़ी, फंड के हेरफेर और फ्रॉड का आरोप लगाया गया था. इस प्राथमिकी में अनुराग ठाकुर और प्रेम कुमार धूमल के नाम थे. साल 2013 में ही एसोसिएशन के खिलाफ 2 और एफआईआर दायर किये गये.इनमे आरोप लगाया गया कि एसोसिएशन ने अवैध रूप से एक रजिस्टर्ड सोसायटी को कंपनी में बदल दिया.

बहरहाल, मुख्यमंत्री के फैसले से धूमल और उनके बेटे अनुराग ठाकुर को रहत मिली हैं. हिमाचल सरकार से पहले उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने खुद अपने ऊपर सालों से चल रहे मामले वापस लेने का फैसला किया था. इससे ऐसा लग रहा है कि बीजेपी की राज्य सरकारें एक नई परंपरा शुरू रही हैं.



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