सहारनपुर जेल से रिहा हुआ भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’, बीजेपी सरकार पर बोला करारा हमला

2018-09-14_ravan.jpg

भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद (रावण) को गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात 2.30 बजे सहारनपुर जेल से रिहा कर दिया गया. रावण पर साल 2017 में सहारनपुर में हुए जातीय दंगे में शामिल होने का आरोप है. इसके बाद से उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाकर जेल भेजा गया था. आपको बता दें कि यूपी सरकार ने रावण को रिहा करने का आदेश दिया था. रावण 8 जून 2017 से सहारनपुर जिला जेल में बंद है.

जेल से रिहाई के तुरंत बात चंद्रशेखर ने मीडिया से बात की और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि साल 2019 में बीजेपी का हराना है. बीजेपी को सत्ता ही नहीं विपक्ष से भी बाहर कर देना है. लड़ाई बीजेपी के गुंडो से है. उन्होंने कहा कि गठबंधन सामाजिक हित में होना चाहिए. उन्होंने कहा, मैं विश्वास दिलाता हूं कि 10 दिन के अंदर वे दोबारा मेरे खिलाफ आरोप लगाएंगे.

सहारनपुर में साल 2017 में हुए दंगे में हिंसा भड़काने के आरोप में जिला प्रशासन ने रावण पर रासुका लगाया था. इसके बाद जेल में बंद रावण पर लगी रासुका हटाने के लिए देश भर में प्रदर्शन किये गए थे. इतना ही नहीं कई बड़े दलित नेताओं ने दिल्ली के संसद मार्ग पर रावण के पक्ष में प्रदर्शन कर रासुका हटाने की मांग की थी. चंद्रशेखर पर लगी रासुका निरस्त कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी. लेकिन हाईकोर्ट ने भी याचिका को निरस्त कर दिया था.

सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में पांच मई 2017 को उस वक्त झड़पें शुरू हो गई थीं जब गांव के कुछ दलित निवासियों ने महाराणा प्रताप की जयंती पर एक जुलूस निकालने की इजाजत देने से इनकार कर दिया. इसे लेकर दोनों पक्षों में झड़प हुई. इसके बाद दलित समुदाय के लोगों ने शहर के गांधी उद्यान में नौ मई को एक महापंचायत करने की कोशिश की, ताकि पांच मई की झड़पों में प्रभावित हुए लोगों के लिए मुआवजे और राहत की मांग की जा सके, लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें महापंचायत आयोजित करने की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण दलित समुदाय सड़कों पर उतर गया. फिर हुई हिंसा में दलित प्रदर्शनकारियों ने शहर में कथित तौर पर एक पुलिस चौकी और एक दर्जन से ज्यादा बाइकों को आग के हवाले कर दिया.



loading...