भारत बंद के दौरान बिहार में 2 साल की मासूम की मौत, बीजेपी ने पूछा- जिम्मेदार कौन?

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बिहार में भारत बंद के दौरान एक 2 साल की बच्ची की मौत हो गई है. मामला राज्य के जहानाबाद का है. यहां इलाज में देरी की वजह से बच्ची की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि वह बीमार थी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था. मृतिका गया जिले के मेन थाना अंतर्गत बाला बिगहा निवासी प्रमोद मांझी की बेटी गौरी कुमारी बताई जाती है. प्रमोद ने बताया कि उसकी बेटी पिछले तीन दिनों से बीमार थी. सोमवार की सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. अस्पताल लाने के लिए उसने कई जगहों पर वाहन की तलाश की. लेकिन, भारत बंद के कारण उसे गाड़ी नहीं मिली. थक हार कर वह अपनी बच्ची को गोद में लेकर किसी तरह पाईबिगहा पहुंचा. पाईबिगहा से टेंपो रिजर्व कर वह जहानाबाद आ रहा था. जहानाबाद आने के क्रम में अस्पताल मोड़ के समीप उसकी मौत हो गई.

पदाधिकारियों के समक्ष प्रमोद ने बताया कि वाहन नहीं मिलने के कारण वह सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सका. गांव और इलाके में कोई गाड़ी नहीं मिली. काफी दूर आने के बाद एक टेम्पो मिली. उसने बंद के दौरान गाड़ी रोकने की घटना से इनकार किया. एसडीएम परितोष कुमार ने बताया कि बच्ची की तबीयत पहले से खराब थी. अस्पताल लाने के क्रम में उसकी मौत हो गई. बंद के दौरान पटना-गया मुख्य सड़क मार्ग पर कहीं जाम नहीं था. प्रशासन वाहनों का परिचालन जारी रखने के लिए अहले सुबह से ही सक्रिय था.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक एसडीओ ने कहा है कि स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सेवा सुचारू है. बच्ची की मौत का कारण बीमारी है. एसडीओ ने कहा कि बीमार बच्ची को इलाज के लिए देरी से लाया गया जिसके कारण उसकी मौत हुई है.

बच्ची की मौत को लेकर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि इस हिंसा और मौत के खेल का जिम्मेदार कौन है. प्रसाद ने कहा, दवा की दुकान और ऐंबुलेंस को नहीं रोका जाता है. बिहार के जहानाबाद में कांग्रेस और विपक्ष के दलों ने ऐंबुलेंस नहीं आने दिया. इससे उस छोटी बेटी की जान चली गई. कौन जिम्मेदार है इसका. यह हिंसा का खेल बंद होना चाहिए.



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