ताज़ा खबर

आरक्षण के विरोध में भारत बंद, बिहार के आरा में गोलीबारी-पथराव, सड़कें जाम, गृह मंत्रालय का देशभर में अलर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा और अजय चंद्रा की जमानत याचिका की खारिज

सुप्रीम कोर्ट के CJI ने कहा- SC/ST वर्ग के लिए जज बनने के मापदंड कम किए जाएं

प्रियंका वाड्रा की राजनीति में एंट्री, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की महासचिव बनाई गईं, बीजेपी ने कहा- यह राहुल गांधी के असफल होने की वजह

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले में संग्रहालय का किया उद्घाटन

NSA अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की याचिका पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, 30 जनवरी को होगी सुनवाई

ईवीएम हैकिंग को लेकर कांग्रेस पर बीजेपी ने साधा निशाना, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूछा, प्रेस कांफ्रेंस में कपिल सिब्बल क्या कर रहे थे

2018-04-10_reservation4.jpg

आरक्षण के विरोध में सोशल मीडिया पर की गई बंद की अपील असर दिखाने लगी है. बिहार के आरा में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को रोका है. इससे पहले 2 अप्रैल को दलितों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया था. इस दौरान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों में हुई हिंसा में 17 लोगों की मौत हो गई थी. सबसे ज्यादा 7 लोगों की मृत्यु मध्य प्रदेश में हुई थी. मंगलवार को बंद की आशंका देखते हुए गृह मंत्रालय ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया. यह पहला मौका है जब सिर्फ सोशल मीडिया की कॉल पर भारत बंद की आशंका पैदा हुई.

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि कहीं भी हिंसा या अप्रिय घटना हुई तो उस इलाके के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निजी तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक , मध्य प्रदेश में पुलिस अलर्ट पर है. ग्वालियर और भिंड जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है. मंगलवार को स्कूल-कॉलेज बंद है. इंटरनेट भी 48 घंटे तक बंद कर दिया गया है. भोपाल में धारा 144 लगा दी गई है. वहीं, हिंसा की अशंका को देखते हुए राजस्थान के भरतपुर में भी धारा 144 लगा दी गई है. इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है. उधर, उत्तराखंड के नैनीताल भी धारा 144 लगाई गई है. धरना-प्रदर्शन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

गौरतलब है कि एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दलित संगठनों ने भारत बंद का बुलाया था. इसका असर सबसे ज्यादा 12 राज्यों में देखने को मिला था. हिंसा में 15 लोगों की मौत हुई थी. मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 7 , यूपी और बिहार में तीन-तीन, वहीं राजस्थान में 2 की मौत हुईं.

बता दें कि कोर्ट ने एक्ट में बदलाव करते हुए कहा था कि एससी/एसटी एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी न की जाए. इस एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत मिले. पुलिस को 7 दिन में जांच करनी चाहिए. सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी अपॉइंटिंग अथॉरिटी की मंजूरी के बिना नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की रिव्यू पिटीशन पर मंगलवार को खुली अदालत में सुनवाई की. जहां कोर्ट ने अपने फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. 



loading...