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अजीम प्रेमजी ने चेयरमैन के तौर पर अपनी आखिरी एजीएम में कहा- और बेहतर होगा विप्रो का भविष्य

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देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में शुमार विप्रो के संस्थापक और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अजीम प्रेमजी की मंगलवार को आखिरी एजीएम थी.

इस दौरान प्रेमजी ने विप्रो के भविष्य पर कहा कि कंपनी की स्ट्रैटेजी को सफल बनाने के लिए हम प्रमुख रूप से चार क्षेत्रों- डिजिटल, क्लाउड, इंजीनियरिंग सर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी में निवेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी मूल्यों पर टिके रहकर नई ऊंचाइयां छूएगी और भरोसा जताया कि विप्रो का भविष्य और भी बेहतर होगा.

आपको बता दें कि पिछले महीने ही अजीम प्रेमजी ने रिटायरमेंट का एलान किया था. प्रेमजी ने कहा था कि वो 30 जुलाई को रिटायर होंगे. कंपनी ने अजीम के बेटे रिशद प्रेमजी को अगले पांच सालों के लिए पूर्णकालिक निदेशक और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन पर नियुक्त कर दिया है. रिशद अब विप्रो समूह की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनकी नियुक्ति 31 जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी.

इसके साथ ही अजीम प्रेमजी ने एजीएम में शेयरधारकों से कहा कि रिशद नई सोच, व्यापक अनुभव और क्षमताओं के जरिए विप्रो को आगे ले जाएंगे. रिशद 2007 से लीडरशिप टीम का अभिन्न हिस्सा रहे हैं इसलिए उन्हें कंपनी के बारे में अच्छी समझ है.

फोर्ब्स की सूची के अनुसार नेटवर्थ के मामले में प्रेमजी का स्थान विश्व में 38वें स्थान पर है. उनकी कुल नेटवर्थ 510 करोड़ रुपये है. वित्त वर्ष 2018 में वो भारत में दूसरे नंबर पर अरबपति थे. पहले पायदान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी हैं.

वित्त वर्ष 2018-19 में अजीम प्रेमजी के सैलरी पैकेज में 95 फीसदी की वृद्धि हुई थी. प्रेमजी ने 262,054 डॉलर यानी करीब 1.81 करोड़ रुपये सैलरी के तौर पर लिए हैं. विप्रो ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी था.

फाइलिंग के अनुसार, अजीम प्रेमजी को 2018-19 में करीब 43 लाख रुपये सैलरी और अलाउंस के रूप में मिले. 91 लाख प्रेमजी का वेरिएबल पे था, 38 लाख अन्य मद और करीब नौ लाख रुपये लॉन्ग टर्म कॉम्पेंसेशन मिला था.



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