असम के नौजवानों से बोले सेना प्रमुख- डॉक्टर बनो, इंजीनियर बनो पर हथियार मत उठाओ

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बुधवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने असम के युवकों से इंजीनियर और डॉक्टर बनकर अपने राज्य में गांवों की सेवा करने को कहा और हथियार उठाने के खिलाफ उन्हें आगाह किया. वह असम के 20 स्कूली छात्रों से संवाद कर रहे थे. सभी छात्रों की उम्र 14 से 16 के बीच थी. छात्रों ने राष्ट्रीय एकता दौरे के तहत साउथ ब्लॉक में उनके कार्यालय में उनसे मुलाकात की.

रावत ने पूछा कि आपको हैरानी होती है कि भारत के जिस हिस्से में आप रहते हैं वह दूसरे हिस्से की तरह विकसित क्यों नहीं है? दिल्ली की तरह आपके शहरों में स्कूल क्यों नहीं है? वापस अपने घर जाते समय आप क्या संदेश लेकर जा रहे हैं? सेना प्रमुख ने कक्षा आठवीं-दसवीं के छात्रों से पूछा कि आपमें से कितने लोग सैन्य बल से जुड़ना चाहेंगे? सभी छात्र चिरांग जिले के रहने वाले थे.

राज्य में उग्रवाद के इतिहास का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत कर डॉक्टर, इंजीनियर बनिए और वापस जाकर अपने गांवों की सेवा कीजिए. लेकिन हथियार उठाने की मत सोचिये. और अगर कोई हथियार उठाता है तो 6 महीने में आप खत्म हो जाएंगे.



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