महेंद्र सिंह धोनी को ग्‍लव्‍स विवाद पर मिला BCCI का साथ, कहा- ‘बलिदान बैज’ हटाने की जरुरत नहीं, ICC भी कर लेंगे बात

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टीम इंडिया के अनुभवी खिलाड़ी और पूर्व सफल कप्तान एमएस धोनी का विश्व कप में विकेटकीपिंग ग्‍लव्‍स पर 'बलिदान बैज' पहनकर खेलने का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. ICC की दखल अंदाजी के बाद बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया यानी BCCI माही के पक्ष में खड़ा हो गया था. जिसके बाद अब क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था यू-टर्न लेते नजर आ रही है.

सूत्रों के मुताबिक ICC यदि एमएस धोनी और बीसीसीआई आईसीसी को यह मनाने में कामयाब हो जाते हैं कि 'बालिदान बैज' में कोई राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय संदेश नहीं है, तो आईसीसी बीसीसीआई के अनुरोध पर विचार कर सकता है.

इसके पहले BCCI ने इस संबंध में आईसीसी को पत्र भी लिखा था. BCCI की प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष विनोद राय के मुताबिक इस मुद्दे पर ICC को जवाब दे दिया था. विनोद राय ने कहा, 'हम अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं. धोनी के दस्ताने पर जो चिह्न है, वह किसी धर्म का प्रतीक नहीं है और न ही यह व्यवसायिक है. जहां तक पहले से अनुमति की बात है तो हम इसके लिए ICC से धोनी को गलव्स के इस्तेमाल को लेकर अपील करेंगे.

दरअसल, विश्व कप में टीम इंडिया के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच में धोनी ने जो गलव्स पहने थे. विकेटकीपिंग दस्तानों पर 'बलिदान बैज' का चिन्ह उस समय दिखाई दिया जब उन्होंने मैच के 40वें ओवर के दौरान युजवेंद्र चहल की गेंद पर एंडिले फेहलुकवायो को स्टंप्स आउट किया था. जिसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर इसकी जमकर सराहना की थी. बाद में इस पर आईसीसी ने बीसीसीआई से अपील की थी कि वह धोनी को दस्तानों से लोगो हटाने को कहे. आईसीसी का कहना है कि नियमों के मुताबिक किसी भी अन्य प्रतीक वाली चीजों को मैदान पर नहीं पहना जा सकता. ICC नियमों के मुताबिक किट या कपड़ों पर अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीति, धर्म या जातीय जैसी चीजों का संदेश नहीं होना चाहिए.



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